रहीम शेरानी हिदुस्तानी, अलीराजपुर (मप्र), NIT:

महिलाओं एवं बालकों के विरूद्ध होने वाली लैंगिक हिंसा की रोकथाम तथा बाल श्रम की रोकथाम पर लगातार और एक्टीव होकर कार्य करने की आवष्यकता है।
इसके लिए पीडितों की मदद और सहयोग के लिए भी आगे आकर कार्य करना होगा।
यह बात महिला एवं बालकों के विरूद्ध होने वाली लैंगिक हिंसा की रोकथाम तथा बाल श्रम, बंधक श्रम से जुडे कानूनी प्रावधानों पर कार्यशाला के अवसर पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती सुरभि गुप्ता ने कही।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा महिलाओं एवं बालकों के विरूद्ध होने वाली लैंगिक हिंसा की रोकथाम, बाल मजदूरी की रोकथाम के लिए जन जागरण करने के साथ-साथ बालिकाओं और महिलाओं के प्रति संवेदनषील रवैया तथा उनके उत्पीडन करने वालों को कडी से कडी सजा मिले इसके लिए वातावरण निर्माण करने के साथ-साथ कानूनों की जानकारी आमजन तक पहुंचे इसके लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है साथ ही उक्त विषयों से जुडे कानूनों और अधिकारी के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूकता को लेकर कार्य करने की आवष्यकता है।
साथ ही पास्को एक्ट तथा बच्चों, बालिकाओं और महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाकर कार्य करने की अत्यंत आवष्यकता है। कार्यशाला का आयेजन महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जन साहस संस्था के संयुक्त तत्वावधान में रखा गया था।

कार्यशाला में मुख्य अतिथि कलेक्टर श्रीमती गुप्ता थीं। अतिथि के रूप में डीएसपी श्री आदित्य राजसिंह डीपीओ आईसीडीएस श्री विजयसिंह सोलंकी, जिला खेल अधिकारी सुश्री संतरा निनामा, एडी आईसीडीएस श्री प्रेमलाल गोरे थे। कार्यक्रम में जन साहस के राज्य समन्वयक श्री करण राठौर, बीईओ, बीआरसी, श्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारीगण, जन साहस के कार्यक्रम समन्वयक श्री अमू विंजुदा, समन्वयक श्री जयपाल देवडा, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम सन्वन्वयक रीना डोगरे, कार्यक्रम समन्वयक श्री राजेन्द्र ऐरवाल, करिष्मा, एवं अल्ताफ हुसैन आदि उपस्थित थे।
कार्यषाला में पास्को एक्ट की जानकारी विस्तार से देते हुए उक्त संबंधित प्रावधानों के बारे में बताया गया।
