यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

तृतीय श्रेणी शिक्षकों की तबादला मांग को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ युवा के नेतृत्व में हजारों शिक्षकों ने सोमवार को विधानसभा पर प्रदर्शन किया। राजस्थान शिक्षक संघ युवा के प्रदेशाध्यक्ष आर.सी. जाखड़ ने बताया कि तृतीय श्रेणी के शिक्षक स्थानांतरण की मांग को लंबे समय से सरकार के समक्ष रख रहे हैं लेकिन राज्य सरकार उस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। प्रदेश संयोजक भागेन्द्र परमार ने कहा कि अगर राज्य सरकार हमारी मांग नहीं मानती है तो राजस्थान के सभी ब्लॉक व जिला मुख्यालयों पर आंदोलन को और ज्यादा उग्र किया जाएगा। धौलपुर जिला अध्यक्ष मनीष पहाड़िया के नेतृत्व में धौलपुर जिले से काफी संख्या में शिक्षक जयपुर विधानसभा धरने में पहुंचे। धौलपुर जिले में काफी तृतीय श्रेणी और द्वितीय श्रेणी शिक्षक बाहरी जिलों से हैं तथा लंबे अरसे से स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। जयपुर धरना स्थल पर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने शिक्षकों को एकजुटता के साथ सरकार के विरुद्ध शांतिपूर्वक संघर्ष करने का आव्हान किया। जयपुर धरना स्थल पर शिक्षकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। शिक्षकों ने विधानसभा की तरफ कूच करने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन द्वारा शिक्षकों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। शिक्षकों व पुलिस में काफी देर तक आपसी झड़प हुई। शिक्षक नेता युवा के प्रदेश अध्यक्ष आर.सी.जाखड़ की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी से शिक्षक और ज्यादा उग्र हो गए। हजारों शिक्षक सडक़ पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करने लगे। शिक्षकों के भारी उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस को शिक्षक नेता आर.सी. जाखड़ को तुरंत रिहा करना पड़ा। शिक्षकों ने अपनी मांग को लेकर सरकार के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिला। तृतीय श्रेणी व द्वितीय श्रेणी के शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी जारी करने की मांग लगातार उठाते रहे हैं लेकिन उनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। धौलपुर से इस आंदोलन में प्रदेश संयोजक भागेंद्र परमार, जिला अध्यक्ष मनीष पहाड़िया, जिला महामंत्री मुकेश मीणा,प्रदेश सचिव रामलखन अजर, जिला संघठन महामंत्री पारसराम पंवार जिला संयोजक मनोज मीणा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा, विजय सिंह मीणा, जिला सचिव हलुका राम, ब्लॉक अध्यक्ष बाडी राजवीर पहलावत, सरमथुरा विजेंद्र जोरवाड़ आदि काफी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।पुलिस अफसर शिक्षकों की शिक्षामंत्री से प्रतिनिधि मंडल के रुप में वार्ता करवाना चाहते थे लेकिन शिक्षक शिक्षामंत्री से वार्ता नहीं कर मुख्यमंत्री से वार्ता की मांग पर अड़ गए ।बाद में शिक्षक नेताओं के एक प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री के ओएसडी देवाराम सैनी ने विधानसभा में मुलाकात की । ओएसडी देवाराम सैनी ने मुख्यमंत्री तक शिक्षकों की बात पहुंचाने का आश्वासन दिया तथा 7 दिनों में शिक्षकों की मांगों पर कार्यवाही का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद शिक्षक धरना स्थल से उठे।शिक्षक नेता आर.सी.जाखड़ ने कहा है कि अगर सरकार 7 दिवस में शिक्षकों की मांग नहीं मानती है तो शिक्षक राजस्थान के प्रत्येक ब्लॉक पर शिक्षक महापंचायतों क का आयोजन करेंगे।
