गुलशन परूथी, ब्यूरो चीफ, दतिया (मप्र), NIT:

चोट लगना किसी भी खिलाड़ी के कैरियर को समाप्त कर सकता है, चोटिल खिलाड़ी के सारे सपने धूमिल हो जाते हैं जब उसे पता चलता है कि गंभीर चोट के कारण उसका शरीर कमजोर हो गया है. ऐसा ही कुछ हुआ दतिया की उभरती हुई जूडो खिलाड़ी शिवानी यादव के साथ, तीन महीने पहले घुटने की लिगामेंट इंजरी के कारण शिवानी यादव को अपने सारे सपने खत्म होते लग रहे थे! लिगामेंट की सर्जरी का खर्च प्राइवेट में लाखों में आता है और सरकारी में आसपास उपलब्ध नहीं है. कुछ चिकित्सकों के द्वारा दिल्ली के सफदरजंग स्पोर्ट इंजरी सेन्टर जाने की सलाह दी परंतु बात नहीं बन पाई! मरीज के परिजन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के पास पहुँचे एवं गृहमंत्री के द्वारा मेडिकल के चिकित्सकों को ऑपेरशन करने हेतु निर्देशित किया गया! जिला में अस्पताल के ट्रामा ओटी में शिवानी का ऑर्थोस्कोपिक ए सी एल रिकंस्ट्रक्शन आपरेशन दुरवीन पद्धति से बिना चीर-फाड़ के किया गया एवं सफल रहा! यह दतिया जिले का पहला ऑपेरशन तो है ही साथ ही दतिया मेडिकल कॉलेज को, कई पुराने मेडिकल कॉलेज को पीछे छोड़कर पहली पंक्ति में शामिल करता है! ऑर्थोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा देश एवं प्रदेश के चुनिंदा मेडिकल कॉलेज में ही उपलब्ध है इस जटिल सर्जरी को डॉ.त्रिभुवन सिंह, डॉ.मुकेश शर्मा एवं डॉ.प्रतीक खरे की टीम के द्वारा किया गया! एनेस्थेसिया विशेषज्ञ डॉ.मंजू एवं डॉ.प्रतिमा सहियोगी रहे! स्टाफ में सिस्टर ज्योति नरवरिया, सिस्टर पूनम सिंह एवं सोनू का योगदान रहा! सर्जरी के लिए आवश्यक उपकरण चिकित्सकों द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर उपलब्ध कराए गए!
इस अवसर पर मेडिकल एवं जिला अस्पताल के समस्त चिकित्सकों द्वारा समस्त टीम को बधाई दी है एवं शिवानी के उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की है!दतिया के मेडिकल कॉलेज में लिगामेंट सर्जरी होना बड़ी बात है क्योंकि नए बने मेडिकल कॉलेज में दतिया पहला मेडिकल कॉलेज है जो इस तरह की सर्जरी कर रहा है जबकि अनेकों पुराने कॉलेज में आज तक ये व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो पाई है! डॉ.मुकेश शर्मा, सहायक प्राध्यापक (ऑर्थो), मेडिकल कॉलेज दतिया एक खिलाड़ी के लिए लगने बाली एक गभीर चोट उसका कैरियर समाप्त कर सकती है! हमें खुशी है कि हम शिवानी के लिए कुछ कर सके, हम उसके बेहतर स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
