नीतेश अग्रवाल, भिंड ( मप्र ), NIT;
भिंड में बाल मृत्यु दर में कमी लाने के लिए भिंड में स्वास्थ्य विभाग 15 जून से दस्तक अभियान शुरू करेगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला घर-घर जाकर दस्तक देगा। अभियान के माध्यम से 0 से 5 साल तक के बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाएगी।
भिंड में दस्तक अभियान अगले गुरुवार से शुरू हाेगा। स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारियों में लगा है। मैदानी अमले को इसके माध्यम से की जाने वाली कार्रवाई और बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के बारे में हर जानकारी दी जा रही है। 5 साल तक की उम्र के बच्चों को बचपन में होने वाली बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर तुरंत पहचान करने के लिए यह अभियान चलाया जाएगा। अभियान में स्वास्थ्य कार्यकर्ता के साथ एमपीडब्ल्यू, आशा कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी रहेंगी। ये कार्यकर्ता गांव के ऐसे घरों को चिन्हित करेंगी, जहां 5 साल तक के बच्चे हैं। यह अभियान एक महीने तक चलेगा और बच्चों का स्वास्थ्य जांचा जाएगा। अभियान के दौरान 10 प्रकार की गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से 5 से कम आयु के बच्चे में गंभीर कुपोषित बच्चे का पहचान की जाएगी। पहचान के बाद ये दस्तक टीम की जिम्मेदारी होगी उस बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराएं। इसके साथ ही उस मामले में समय-समय पर फॉलोअप लें। इसके साथ ही छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों में एनीमिया की सक्रिय पहचान एवं प्रबंधन, 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए का अनुपूरण, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में निमोनिया की तुरंत पहचान, प्रबंधन एवं रैफरल सहित अन्य की व्यवस्था की जाएगी। जिले में बाल मृत्यु में कमी लाने, रोकने के प्रयास किए जाएंगे। ऐसे बच्चों के माता-पिता को भी बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
एक माह तक चलेगा अभियान
5 साल से कम उम्र के बच्चों की सबसे ज्यादा मौत मध्यप्रदेश में हो रही है। इसे रोकने के लिए हर जिले में दस्तक अभियान चलाया जाएगा। यह एक माह तक चलेगा। यह जानकारी डॉ.जे.पी.एस कुशवाह (मुख्य चिकित्सा स्वस्थ्य अधिकारी) भिंड द्वारा दिया गया है। इसमें मैदानी अमले द्वारा किए जाने वाले कार्यों की जानकारी टीम को दी जा रही है।
