शारिफ अंसारी, मुंबई, NIT;
रजा अकादमी भिवंडी और जुलूस ईद मीलाद ट्रस्ट द्वारा आयोजित, पैगम्बर इस्लाम मोहम्मद (सल. ) की जयंती पर भिवंडी शहर की मुख्य मस्जिद कोटरगेट से १२ वें वार्षिक जुलूस ईद मीलाद निकाला गया। जिसमें लगभग लगभग डेढ़ लाख मुसलमान शामिल हुए। कुरआन की तिलावत से जुलूस की शुरुआत हुई। मौलाना मोहम्मद यूसुफ रजा कादरी साहब ने कुरआन की आयत पढ़ाई और शांति के लिए प्रार्थना की। जुलूस मौलाना मोहम्मद हनीफ रिजवी साहब (प्रधानाचार्य विश्वविद्यालय नूरिया रिजविया बरैली शरीफ) के नेतृत्व में निकाला गया और उनकी दुआ के बाद जुलूस रवाना हुआ। जुलूस कोटरगेट मस्जिद से निकल कर निज़ामपुरा से होते हुए, वजार पट्टी नाका पहुंचा, जहां बहारे मदीना मस्जिद में नमाज़ अस्र की नमाज अदा की।जुलूस में शामिल लोग अपने हाथों में हरे झंडे लिए हुए थे, सलाम पढ़ते हुए जुलूस आगे बढते जारहा था । कोई नात शरीफ पढ़ रहा था, कोई नारा तकबीर अल्लाहु अकबर का नारा लगा रहा था, जुलूस का ऐसा आकर्षक दृश्य था जिसने भिवंडी वालों के दिलों को रोशन करदिया.। कई स्थान पल समिति की ओर से पानी, शर्बत, मिठाई वितरित किया गया. जुलूस का नेतृत्व कर रहे मौलाना मोहम्मद हनीफ रिजवी साहब का स्वागत पुष्प द्वारा किया गया ।
जुलूस मामू भांजा ग्राउंड पर पहुंचा वहाँ अज़ान दी गई और मगरिब की नमाज अदा (प्रार्थना) की गई। प्रार्थना के बाद मौलाना मोहम्मद हनीफ रिजवी साहब, ने भाषण दिया, अपने भाषण में कहा कि पैगम्बरे(दूत) इस्लाम मोहम्मद साहब का जन्म दिन मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार है जिसे मुसलमान सामूहिक रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं । पैगम्बर मोहम्मद ( सल. ) ने अत्याचार को समाप्त किया और शांति का संदेश दिया, बंधुत्व का पाठ पढ़ाया, किसी की हक नहीं छीनने का आदेश दिया, बहन बेटियों की सुरक्षा व्यवस्था व सम्मान करने का आदेश दिया तथा शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करने की शिक्षा दी।
मौलाना मोहम्मद हनीफ रिजवी ने दुआ की और इनकी दुआ के बाद जुलूस का समापन हुआ .मोहम्मद शरजील रजा कादरी ने सभा का संचालन किया .रज़ा अकादमी भिवंडी के महासचिव मोहम्मद शकील रजा ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। मनपा प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा इस अवसर पर अच्छी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी जिसकारण जुलूस में शामिल होने वालो को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई इसी के पश्चात रजा अकादमी ने मनपा व पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
