पीयूष मिश्रा, भोपाल/दिल्ली, NIT:

दिल्ली से संचालि होने वाली संस्था एंटीकरपशन एंड क्राईम कंट्रोल फोर्स देश के विभिन्न राज्यों में अपने प्रतिनिधि नियुक्त करते जा रही है और साथ ही देश में हो रहे क्राईम और भ्रष्टाचार को मिटाने का निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में संस्था के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने देश के नाम अपने विचारों को रखा। उन्होंने कहा की उचित समय है आज देश के लिए कुछ अच्छा कर गुजरने का, जाना तो सभी को है लेकिन यदि आप समाज के लिए लड़ते हुए मरोगे तो मरने के बाद भी पूजे जाओगे और अपने और अपने परिवार के लिए करते हुए मरोगे तो घर की दीवार पर एक फोटो पर माला चढ़ी होगी, चंद दिनों में समाज से नामों निशान मिट जाऐगा।
मैं जानता हूँ कि आज की सामाजिक व्यवस्था से हर कोई परेशान है लेकिन इस भ्रष्ट व्यवस्था में लोगों की आवाज दबा दी जाती है, कोई सुनने वाला नहीं होता। आज हर आदमी अपनी क्षमता के अनुसार इस भ्रष्ट व्यवस्था से किसी ना किसी तरह से लड़ रहा है, किन्तु भ्रष्टाचार की आवाज और ताकत इतनी बुलंद है कि एक आदमी की आवाज नक्कार खाने की तूती की तरह दब कर रह जाती है। बुजुर्गों ने कहा है कि संगठन में बल है, यह बिल्कुल सत्य है, संगठन की ताकत बहुत ही बड़ी और शक्तिशाली होती है।
सोचो कि मैं भारत हूँ और भारत मेरे शरीर की बूँद बूँद में रोम रोम में बसा है और मुझे भ्रष्टाचार रुपी कैंसर ने पीड़ित कर रखा है, मैं बाहर इलाज के लिए डाॅक्टर ढूंढ रहा हूँ, डाॅक्टर नहीं मिल रहा जो मुझे इस बीमारी से निजात दिला सके।
मैं चन्द्र शेखर आजाद सीना ठोंककर कहता हूं कि मैं भारत हूँ मेरा पूरा तन मन शरीर का रोम रोम भारत है मैं भी इस भ्रष्टाचार की बीमारी से ग्रसित हूँ, लेकिन मुझे पता है कि इस भ्रष्ट बीमारी का डाॅक्टर मैं स्वयं ही हूँ, मैंने एक मशाल प्रज्वलित की है भ्रष्टाचार और अपराध से लड़ने के लिए, मैं और मेरे 24 स्टेटों के हजारों भाई बहनों ने इस मशाल को अपने हाथों का बल दिया है। बसन्ती चोला पहन कर तन मन धन से इस भ्रष्टाचार रुपी कैंसर को जड़ों से नष्ट करने का संकल्प लिए मशाल की अग्नि को तीव्रता प्रदान कर रहें हैं। हम इस मशाल को हर शहर हर नगर हर गांव हर घर और हर व्यक्ति तक लेकर जाऐंगे। सत्य मेव जयते, इतिहास गवाह है की हमेशा सत्य की ही विजय हुई है और हमें उस लक्ष्य का सफर जल्दी तय करना है। यदि इस आवश्यकता को आप भी महसूस कर रहे हैं तो आ जाओ हमारे साथ कदम से कदम और हाथ से हाथ मिला कर भ्रष्टाचार और अपराध, अन्याय मुक्त क्रान्ति में वाहक बनकर।
