अबरार अहमद खान/सुफियान सिद्दीकी, भोपाल (मप्र), NIT:

कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में इस वक़्त हाहाकार मचा हुआ है। लॉकडाउन में जहां पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग अपनी अहम भूमिका को निभा रहा है वहीं लोडिंग आटो एवं टाटा मेजिक ड्राइवर भी पूरी ताक़त के साथ मैदान में डटे हुए हैं लेकिन इस मुश्किल घड़ी में दुख की बात यह है कि उन ड्राइवरों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। बताया जा रहा है कि कोविड 19 राहत कार्य में लगभग 400 से आधिक लोडिंग आटो एवं इतने ही टाटा मेजिक लगे हुये हैं। जिनके किराये का भुगतान अभी तक नहीं हूआ है। ऐसे में टाटा मेजिक युनियन अध्यक्ष मोहम्मद गनी खान ने मुख्यमंत्री के नाम खुला मांग पत्र लिख कर कहा है कि आटो एवं टाटा मेजिक वाले बहुत ही गरीब लोग हैं।

लाॅक डाउन ने इनको बिल्कुल ही तोड़ दिया है। घरों में राशन की परेशानी हो रही है। यह अपनी गरीबी से तंग आ चुके हैं। यह अपने परिवार के पालन पोषण के लिए अपनी जान खतरे में डाल कर आटो एवं मेजिक चला रहे हैं जिन्हें पूरी सुरक्षा भी नहीं दी गई है फिर भी यह अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह कई बार अपने आटो एवं मेजिक के किराये के भुगतान की गुहार लगा चुके हैं और मैं भी जिम्मेदार अधिकारियों से निवेदन कर चुका हूं कि गरीब आटो और मेजिक वालों के किराये का भुगतान आति शीघ्र करने की कृपा करें, यह सारे गरीब लोग हैं, घरों में राशन की परेशानी हो रही है किन्तु आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। श्रीमान जी अन्य प्रदेशों ने गरीब आटो टैक्सी मेजिक के ड्राइवरों की मदद की है। मुझे पता चला है कि दिल्ली सरकार ने 5000 हजार रुपये इनके खातों में डालें हैं। अगर म.प्र शासन इनकी आर्थिक मदद नहीं कर सकता है तो कम से कम इन गरीबों को इनकी मजदूरी ही मिल जाए यानी इनके वाहनों के किराये का ही भुगतान हो जाये ताकि यह गरीब लोग भी अपने घरों में राशन का इन्तेजाम कर लें। श्रीमान जी आपसे विनम्रता पूर्वक निवेदन है कि कोरोना राहत कार्य में लगे टाटा मेजिक एवं लोडिंग आटो के किराये का भुगतान आति शीघ्र कराने की कृपा करें सभी टाटा मेजिक एवं लोडिंग आटो वाले आपके आभारी रहेंगे।
