ताहिर मिर्ज़ा, उमरखेड़/यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

कोरोना वायरस के महामारी के बीच उमरखेड़ शहर में हर तरफ लॉक डाउन का सन्नाटा पसरा हुआ है। इसी बीच शहर के ढाणकी की रोड परिसर में एक लकड़ी के साॅ मिल के साथ 3 दुकानों में आग लगने से लाखों के नुकसान का अनुमान है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 अप्रैल की रात 1:00 से 2:00 के बीच ढाणकि रोड मार्ग पर बिलाल सामिल के साथ एक फर्नीचर की दुकान, वेल्डिंग वर्कशॉप और कबाड़ की दुकान में आग लगने से करीब 16 लाख का नुकसान बताया जा रहा है। जिन लोगों की दुकान जली है उन लोगों में सामिल के मालिक अब्दुल अजीज ने बताया कि गत 25 मार्च को रात 11:00 बजे भी ऐसी ही एक छोटी सी घटना हुई थी जिसमें कुछ सागवान की लकड़ियां जली थी परंतु 4 अप्रैल को फिर यह हादसा होने से पुलिस प्रशासन के रवैया पर सवाल खड़ा कर दिया है। जिन लोगों की दुकानें जली हैं उनमें लकड़ी के साॅ मिल के मालिक अब्दुल अजीज शेख इब्राहिम, धर्मेंद्र भगवान चौहान इनका फर्नीचर का दुकान, जावेद खान मोईन खान इनका वेल्डिंग का दुकान के साथ पीर खान इनके कबाड़ का दुकान जल गया है। आग इतनी जबरदस्त थी कि इस आग को काबू में करने के लिए फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों को बुलाना पड़ा। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड के साथ नगर परिषद के सदस्य सैय्यद अफसर ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया गया। जिस जगह घटना हुई उसी जगह पर एक सिनेमा हॉल और दो घर मौजूद हैं लेकिन फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मेहनत करते हुए इस आग को काबू किया। इस आग को काबू में करने में फायर ब्रिगेड की टीम को 3 घंटे लगे। बड़ी मशक्कत के बाद आसपास के दुकान, घर व सिनेमा हॉल को बचाया गया। इस घटना से शहर में तथा बाजार में व्यापारी वर्ग में उनकी दुकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है तथा इसके पीछे के कारण खोजने की भी मांग हो रही है। खबर लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं हुआ था और आग लगने के कारण का भी पता नहीं चल पाया था।
