नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

Covid 19 कोरोना विषाणु दुनिया की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। विश्व स्वास्थ संगठन ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। भारत में कोरोना के 84 मरीज होने का खुलासा हुआ है। इसी आपात स्थिती के बीच अफवाहों का वायरस अपना काम कर रहा है। सोशल मीडिया शोषण मीडिया बनकर उभर रहा है। इन्हीं अफवाहों का शिकार होने से जामनेर शहर भी बच नहीं सका है जिसकी उमदा स्वास्थ सुविधा का अपना रुतबा और रईसी है जिसे टाटा, नायर, के ई एम जैसे बड़े अस्पतालों ने 26 वर्षों से अनुभव किया है।

जामनेर में कोरोना पोजिटिव मरीजों की सोशल मीडिया पर चलाई गई फर्जी खबर के बाद लोगों में काफी दहशत और डर का माहौल है। तहसील स्वास्थ अधिकारी डॉ राजेशकुमार सोनावणे ने तत्काल बैठक बुलाकर स्वास्थ विभाग के सभी कर्मियों को कोरोना को लेकर जनता के बीच जाकर जनजागृती करने कि सूचना की है। डॉ सोनावणे ने कहा कि कोरोना का कोई भी मरीज क्षेत्र में नही है। महीने पहले क्षेत्र के 4 नागरिक चीन यात्रा से स्वदेश लौटे थे जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। मौसम में होने वाले बदलावों के कारण होने वाले सर्दी जुकाम जैसे आम समस्याओं को कोरोना से जोड़कर चिंता करने की जरूरत नहीं है। जेब में रुमाल रखें जो खासते या छींकते वक्त उपयोग में लाएं। दिनभर अपने हाथ साबुन से धोते रहें। चेहरे के आंख, नाक और मुंह इस टी एरिया को बिना हाथ धोए बारबार छुने से बचें। भीड़ में जाने से परहेज करें। डॉ पल्लवी सोनावणे ने कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ केंद्र कोरोना को लेकर गांव गांव पहुचकर जनता में जनजागृती का काम करेंगे। लोग अपनी अंदरूनी प्रतिकार शक्ति को बढ़ाने के लिए फलों का आहार में समावेश करें।
बैठक में डॉ मनोज चौधरी, डॉ योगेश राजपूत, डॉ विवेक जाधव, डॉ प्रवीण पाटिल, डॉ नरेंद्र नाइक, डॉ कुणाल बाविस्कर, डॉ संदीप पाटिल, डॉ राहुल निकम, डॉ समाधान वाघ समेत कई मान्यवर उपस्थित रहे। सोशल मीडिया पर कोरोना को लेकर फैलाए जा रहे अफवाहों के वायरस की रोकथाम के लिए डॉ राजेशकुमार ने पुलिस प्रशासन से अनुरोध किया है।
