रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, भोपाल (मप्र), NIT:
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने दुनिया के सभी हिन्दूओं से अपील की है। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा- रामलाल मंदिर का निर्माण सरकारी पैसे से नहीं होना चाहिए बल्कि दुनिया के सारे हिन्दू राम मंदिर निर्माण में सहयोग करें। इसके साथ ही उन्होंने विश्व हिन्दू परिषद को सलाह दी है कि वो इकठ्ठा किए गए चंदे का प्रयोग समाज की कुरीतियों को मिटाने में करें।
रामलला के मंदिर का निर्माण शासकीय कोष से नहीं होना चाहिये, विश्व का हर हिंदू भगवान राम को ईश्वर का अवतार मानता है और मंदिर निर्माण में सहयोग करेगा।
विहिप ने मंदिर निर्माण में जो चंदा उगाया वो उसे अपने पास रखें और उसका उपयोग समाज की कुरीतियों को समाप्त करने में ख़र्च करें।
क्या कहा दिग्विजय ने ?
दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा- रामलला के मंदिर का निर्माण शासकीय कोष से नहीं होना चाहिये विश्व का हर हिंदू भगवान राम को ईश्वर का अवतार मानता है और मंदिर निर्माण में सहयोग करेगा। विहिप ने मंदिर निर्माण में जो चंदा उगाया वो उसे अपने पास रखें और उसका उपयोग समाज की कुरीतियों को समाप्त करने में खर्च करें। रामालय ट्रस्ट में सभी शंकराचार्य और रामानन्दी सम्प्रदाय से जुड़े अखाड़ा परिषद के सदस्य ही हैं और जगदगुरू स्वामी स्वरूपानंद जी सबसे वरिष्ठ होने के नाते उसके अध्यक्ष हैं। रामालय ट्रस्ट के माध्यम से ही रामलला के मंदिर निर्माण होना चाहिये।
रामालय ट्रस्ट को मिले मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी
दिग्विजय सिंह ने कहा- भगवान राम का मंदिर हिंदुओं के धर्माचार्यों द्वारा ही बनाना चाहिये। राजनैतिक संगठनों द्वारा संचालित संगठनों के द्वारा नहीं। भगवान राम सब के हैं उनके जन्म भूमि पर निर्माण की ज़िम्मेदारी रामालय ट्रस्ट को ही देना चाहिये।
दिग्विजय ने ट्वीट करते हुए कहा- रामालय ट्रस्ट में सभी शंकराचार्य और रामानन्दी सम्प्रदाय से जुड़े अखाड़ा परिषद के सदस्य ही हैं और जगदगुरू स्वामी स्वरूपानंद जी सबसे वरिष्ठ होने के नाते उसके अध्यक्ष हैं। रामालय ट्रस्ट के माध्यम से ही रामलला के मंदिर निर्माण होना चाहिये।
रामालय ट्रस्ट ने सौंपा था ज्ञापन
बता दें कि हाल ही में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए रामालय ट्रस्ट पीएमओ और गृह मंत्रालय को एक ज्ञापन सौंपा था। इस ज्ञापन में रामालय ट्रस्ट के द्वारा ये कहा गया था कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए किसी नए ट्रस्ट के गठन की आवश्कता नहीं है। राम मंदिर निर्माण के लिए रामालय ट्रस्ट पहले से ही है। रामालय ट्रस्ट दुनिया का सबसे भव्य मंदिर बनाएगा।
