गुलज़ार अहमद, मैनपुरी ( यूपी ), NIT;
आगरा में शहीद हुए सिपाही का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। बहादुर सिपाही को श्रद्धांजलि देने को हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। आगरा के एसपी पश्चिम के साथ दो सीओ और मैनपुरी के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। शव के पास मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गमगीन माहौल में शहीद सिपाही का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस घटना से गांव शोक का माहौल है।
मैनपुरी जिला के गांव चांदा निवासी 33 वर्षीय अजय यादव की बुधवार को आगरा में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। अजय वर्ष 2006 में पुलिस में भर्ती हुआ था तब से वह आगरा में ही तैनात था। बुधवार को इस हत्या से आगरा पुलिस में खलबली मच गई। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को सुबह छह बजे उसका शव गांव पहुंचा। साथ आए पुलिस कर्मियों ने शहीद पुलिस कर्मी के शव को सलामी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी एकत्र हो गए। सुबह करीब 10 बजे मृतक सिपाही का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इससे पहले अजय की मौत की खबर सुनते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी सगुन, मां कमला, भाई मनोज और दिनेश का रो-रोकर बुरा हाल था। इस दौरान मौके पर जुटे अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। पड़ोसी थाना विशुनगढ़ में तैनात उसके सिपाही भाई दिनेश ने रोते हुए बताया कि दो दिन पहले ही उसकी अजय से फोन पर बात हुई थी। उसके भाई के साथ साजिश हुई है। उसका भाई शेर था। इस दौरान मौके पर पहुंचे तहसीलदार किशनी राकेश सोनी और नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार ने जिला प्रशासन की और से मृतक को अंतिम श्रद्धांजलि दी। आगरा से एसपी पश्चिम मांशाराम गौतम, सीओ एत्मादपुर सुरेश कुमार और सीओ छाता बृजेंद्र त्यागी ने भी परिजनों को ढांढस बंधाया।
- साथी सिपाहियों ने सीओ पर लगाए गंभीर आरोप
सिपाही अजय की मौत पर साथी पुलिस कर्मियों में खासा रोष है। गुरुवार को चांदा पहुंचे सिपाही रियाजुद्दीन और मदन यादव ने अजय की मौत के लिए सीओ फतेहाबाद को जिम्मेदार बताते हुए आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से सीओ अजय और उन सभी का मानसिक उत्पीड़न कर रहे थे। सीओ फर्जी एनकाउंटर और घटनाओं का फर्जी खुलासा करने का दबाव बनाते हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की गई। सिपाहियों ने मांग की है कि अजय की हत्या की जांच कराई जाए। सिपाही अजय की मौत के पीछे कोई बड़ी साजिश है।
