अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ, धुले (महाराष्ट्र), NIT:

देश में अल्पसंख्यक समुदाय के साथ ‘मॉब लिंचिंग’ की वारदात दिन ब दिन बढ़ रही हैं, इसके विरोध में वेल्फेयर पार्टी ऑफ इंडिया ने हस्ताक्षर अभियान चलाया और भीड़ तंत्र के खिलाफ कड़ी सजा कानून बनाने की मांग की। आईएएस अधिकारी संजय भट की सजा पर सरकार ने पुनर्विलोकन करने के साथ ही बिहार में कुपोषण से मरे 200 बच्चों के मामले में सरकार द्वारा कुपोषित बच्चों की उचित देखभाल करने के प्रयास करने की मांग को लेकर शहर में हस्ताक्षर अभियान चलाया।
गुरुवार की सुबह शहर स्थित अब्दुल हमीद चौराहे पर वेल्फेयर पार्टी ऑफ इंडिया की इकाई ने हाल ही में चोरी के संदेह तथा जय श्रीराम का नारा नहीं लगाने के कारण भीड़ ने पीट पीटकर तबरेज अंसारी को मौत के घाट उतार दिया। ज़िला अध्यक्ष शेख मोहम्मद जैद ने बताया कि संप्रदाय विशेष के नागरिकों पर कथित अराजक समूहों द्वारा अगर मॉब लिचिंग पर सख्त कार्रवाई नहीं की तो ना सिर्फ देश की अखंडता पर खतरा गहरा जाएगा बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास जीतने का लक्ष्य भी टूट जाएगा। ऐसे में यह जरूरी है कि मॉब लिंचिंग के दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए नया कानून बनाया जाए। देश में अल्पसंख्यकों के साथ मॉबलिचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। झारखंड मे तबरेज अंसारी की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या का ताजा मामला सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोलता है। भीड़ द्वारा इतनी बर्बरता और अमानवीयता के साथ सिर्फ इसलिए हत्या कर दी जाए क्योंकि वह एक विशेष समुदाय से संबंध रखता था, अत्यंत निंदनीय है। यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं है जो मारा गया है, यह हमारी सामूहिक नैतिकता और कानून के राज पर हमला है।
