वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी की तहसील गोला गोकर्णनाथ के ब्लॉक कुम्भी गोला की ग्राम पंचायत गोला देहात की भद्रसेन गुप्ता कालोनी निकट काब्रिस्तान लक्ष्मनजती रोड के पास नाली व खड्जा न होने के कारण एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार और लक्ष्य न्यूज़ के ब्यूरो चीफ के घर के आगे खाली पड़े प्लाट मेें गंदा पानी भरा रहता है जिससे पानी में होकर परिवार के लोग व छोटे छोटे बच्चों को मजबूरन निकलना पड़ता है। इस समस्या के बाबत कई बार मौखिक तौर पर प्रधान प्रतिनिधि शकील अहमद से बात की गई लेकिन गोला देहात प्रधान बजट न होने की बात कहकर टाल देते हैं। जब से यह प्रधान बने हैं तब से इस कार्य के लिए उनके पास बजट ही नहीं आता है जबकि इसी मोहल्ले में जहां पर पानी का निकास अच्छा था वहां पर नाली व खड्जा निमार्ण कार्य कराया गया, क्योंकि वहां पर कुछ विशेष समुदाय के लोग रहते हैं, जहां प्रधान ने निमार्ण कार्य कराया है। क्या प्रधान का यही दायित्व होता है,जबकि पहले वहां कार्य होना चाहिए जहां समस्या ज्यादा हो। जब एक पत्रकार की बात को प्रधान अनदेखा कर रहे हैं तो गोला देहात की जनता की समस्याओं का निदान कैसे होता होगा इसका इसी बात से अनुमान लगाया जा सकता है। क्या सरकार का यही विकास कार्य है? अगर इस समस्या पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो इस गंदे पानी से संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। अगर कोई समस्या पत्रकार के परिवार में होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या इसके जिम्मेदार ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी या उपजिलाधिकारी महोदय नहीं होगें? एक तरफ हमारी सरकार अधिकारियों को सख्त आदेश देती है कि हर गांव, नगर, कस्बा और शहर स्वच्छ हो, लेकिन इन अधिकारियों व कर्मचारियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। अगर प्रभाव पड़ता तो अभी तक यह नाली निमार्ण कार्य हो गया होता। अगर ऐसा नहीं है फिर तो ब्लॉक प्रशासन भयंकर समस्या का इंतजार कर रहा है???
