गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:
यूपी के अंबेडकर नगर जिले में मदरसों के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, इन फर्जी मदरसों से हर साल सरकार को करोड़ों रुपए की चपत लग रही थी, इन मदरसा संचालकों के ऊपर पर अल्पसंख्यक अधिकारी के आदेश पर 419, 420, 467, 468 धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हुआ है।
योगी सरकार सत्ता में आने के बाद सरकार को शक था कि सपा, बसपा शासनकाल में मदरसों में रखे गए शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़ा किया गया है। उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र में आश्चर्य है। सरकार ने मदरसों में तैनात शिक्षकों की मौलिकता का पता लगाने के लिए सरकार ने कई फर्जी मदरसों में नियुक्त सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच शुरू करवाई।जिसमें कई शिक्षकों की फर्जी डिग्री पाई गई।
ऐसा ही एक मामला अंबेडकर नगर जिले के जलालपुर तहसील क्षेत्र के रसूलपुर बाकरगंज में मदरसा उम्मे रबाब मेमोरियल पब्लिक स्कूल का है इस मदरसे में दो शिक्षक नियुक्त किए गए थे काफी शिकायतों के बाद अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच जांच कर ज़हरा जबी और आफरीन हसन एम०ए०, बी०एड० की डिग्री सत्यापन में फर्जी पाई गई है। इसके उपरांत मदरसा प्रबंधक सैय्यद हसन मेहदी द्वारा आधुनिकीकरण योजनान्तर्गत आधुनिकीकरण शिक्षको के पद पर फ़र्ज़ी प्रमाण पत्रो के आधार पर मदरसा मान्यता सेवा नियमावली में निर्धारित प्रकिया के विपरीत नियुक्तिया करते हुए अनियमित नियुक्त शिक्षको के मानदेय के रूप में शासकी धनराशि का बंदरबांट आहरण कर गभीर वित्तीय अनियमितता की गई है।
विभाग ने आर्थिककरण योजना के तहत मदरसों में शिक्षकों को नियुक्त किया था। उन्हें वेतन के दौर पर मोटी राशि भी सरकार देती है। सरकार के पास लगातार शिकायत हो रही थी कि मदरसों में रखे गए शिक्षकों की भर्ती में पूर्व के अफसरों और दलालों का गठजोड़ बनकर बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है।
