रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

अगर आप अपनी सेहत बनाने के लिए फलों को खरीद कर खाने वाले हैं तो थोड़ा सावधान हो जाइए क्योंकि इन दिनों बाजार में बिकने वाले फल केमिकल से पकाये जा रहे हैं जो आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं।
इन दिनों बाजार में सभी प्रकार के फलों की आवक बनी हुई है और इन फलों में खासकर पपीता, केला और आम को केमिकल से पकाये जाने की खबर सामने आई है। कुछ वर्ष पहले खाद सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा शहर में छापामार कार्रवाई की गई थी और जिले के तरबूज कांड को लोग अभी भूले नहीं हैं फिर भी शहर में धड़ल्ले से केमिकल से पकाए गए फलों को खाया जा रहा है। व्यापारियों द्वारा फलों को पकाने में कार्बाइड का प्रयोग किया जाता था जिससे फलों के पकने में लगभग 3 दिन का समय लगता था परंतु अब व्यापारियों ने कार्बेइड को छोड़कर एथीलिन केमिकल से फलों को पकाने का कार्य शुरू किया गया किया है इसलिए इस केमिकल से महज 24 घंटे में ही फल पक जाते हैं। स्वस्थय विशेषज्ञों की मानें तो केमिकल से पकाया गए फलों के सेवन से एसिडिटी सहित अन्य परेशानियां होने की संभावना बनी रहती है लेकिन इसके बाद भी अपनी जेब भरने के लिए व्यापारियों के द्वारा लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर फलों को केमिकल से पका कर बाजार में धड़ल्ले से बेचा जा रहा है और साथ ही अन्य खाद्य सामग्री भी मिलावट खोरों द्वारा मिलावट कर बाजार में धड़ल्ले से बेच रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी वह कार्रवाई नहीं करते जिससे लगता है दाल में कुछ काला है या फिर पूरी दाल ही काली है। क्या जिले में कोई ईमानदार अधिकारी नहीं है जो मिलावट खोरों पर कार्रवाई कर वतन के खाए हुए नमक का कर्ज चुका दे।
