नरेंद्र इंगले, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
विधायक स्मिता वाघ का टिकट काटकर जलगांव लोकसभा सीट के लिए घोषित भाजपा के प्रत्याशी श्री उन्मेष पाटील के प्रचार के लिए अमलनेर में आज आयोजित भाजपा-शिवसेना कार्यकर्ता संमेलन में जमकर लात-घूसे चले। भाजपा के जिलाध्यक्ष तथा विधायक स्मिता वाघ के पती श्री उदय वाघ ने भूतपूर्व विधायक डॉ. श्री बापुराव श्रीपत पाटील को मंच पर ही पीटना शुरु कर दिया इस दौरान जब बीच बचाव के लिए जलसंपदा मंत्री तथा पार्टी के उत्तर महाराष्ट्र प्रभारी श्री गिरीश महाजन बीच में आए तो उन पर भी हमला किया गया।

इस घटना से जिला भाजपा में चल रही अंदरुनी गुटबाजी काफी उफ़ान पर आ गयी है। भाजपा ने वर्तमान सांसद श्री ए टी पाटील का टिकट काटकर विधान परीषद की सदस्या श्रीमती स्मिता वाघ को इस सीट से प्रत्याशी बनाया था जिससे नाराज ए टी पाटील ने बगावत के सुर बुलंद कर पारोला में आयोजित कार्यकर्ता संमेलन में अपना रोष व्यक्त करते हुए मंत्री महाजन और उदय वाघ पर उनके खिलाफ़ षडयंत्र रचने का आरोप किया था। इसी संमेलन में अमलनेर के भूतपुर्व विधायक बापुराव पाटील ने वाघ पर कडा आपत्तीजनक कटाक्ष किया था। इसी दौरान पार्टी में चल रहे इस संकट को देखते हुए आपत्ती निवारण के तौर पर मंत्री महाजन ने श्रीमती स्मिता वाघ का टिकट काटकर चालिसगांव के विधायक उन्मेष पाटील को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बनाया जिससे आक्रोशीत उदय वाघ ने आज संमेलन के मंच पर ही अपनी भड़ास निकाल दी।

मंच पर शिवसेना कोटे से प्रभारी मंत्री श्री गुलाबराव पाटील भी मौजुद रहे। जैसे ही संमेलन की शुरुआत हुई वैसे उदय वाघ ने डाॅ बापूराव पाटील को लात – घूसों से पीटना आरंभ कर दिया। पाटील और वाघ समर्थकों के आपसी टकराव के बीच पाटील के बचाव में उतरे मंत्री गिरीश महाजन को भी वाघ ने अपना निशाना बनाने का कुछ हद तक प्रयास किया जिसे सोशल मीडिया में प्रसारित वीडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है। पिटाई वाला चैप्टर खत्म होने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के समर्थकों को हिरासत में लिया है। इस पूरे मामले में अनुशासन की दुहाई देने वाली केडरबेस भाजपा में संलिप्त अनुशासनहिनता का प्रदर्शन आज स्पष्ट रुप से देखा गया।
मामले पर आधिकारीक रूप से अपना पक्ष रखते हुए पार्टी प्रभारी महाजन ने कहा कि पारोला संमेलन में बी एस पाटील द्वारा वाघ पर किए गए ओछी छिंटाकशी के कारण नाराज वाघ ने पाटील की जो पिटाई की है वह निंदनीय है।
