"वंचित" के उम्मीदवार व बालापुर के विधायक बलिराम शिरसकर ने पेश की इंसानियत की मिसाल, अभयारण्य के प्यासे बंदरों को पिलाया पानी | New India Times

कासिम खलील, ब्यूरो चीफ, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT:

"वंचित" के उम्मीदवार व बालापुर के विधायक बलिराम शिरसकर ने पेश की इंसानियत की मिसाल, अभयारण्य के प्यासे बंदरों को पिलाया पानी | New India Times

आगामी लोकसभा चुनाव की हलचल तेज़ हो गई है और चुनावी मैदान में डटे हुए प्रत्याशी अपने दौरों के माध्यम से जनता तक पहुंचकर मतदाताओं को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे ही एक उम्मीदवार जिन्होंने अपने प्रचार दौरे के साथ ही प्रेरणादायक काम करते हुए अभयारण्य में प्यासे बंदरों को पानी पिलाकर इंसानियत का परिचय दिया है। जी हां,, हम बात कर रहे हैं वंचित बहुजन अघाड़ी के उम्मीदवार व बालापुर के विधायक बलिराम शिरसकर की जिन्होंने अपना वाहन रोककर बंदरो को पानी पिलाते हुए पूण्य का काम किया है।

बुलढाणा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का दूसरे चरण में 18 अप्रैल को मतदान होना है। यहां कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है जिसमें महागठबंधन के डॉ. राजेंद्र शिंगणे, महायुति के प्रतापराव जाधव एवं वंचित बहुजन आघाडी से बलिराम शिरस्कर का समावेश है। हर कोई उम्मीदवार अपने अपने तरीके से जनता तक पहूंचकर खुद को अन्य प्रत्याशियों से बहेतर साबित करने की कोशिश में है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो सबसे अलग होकर काम करते हैं। बुलढाणा लोकसभा से वंचित बहुजन आघाडी के प्रत्याशी बलिराम शिरस्कर कल 30 मार्च को दोपहर 4 बजे के बाद बुलढाणा से खामगांव की दिशा में जा रहे थे कि रास्ते में लगने वाले ज्ञानगंगा अभयारण्य में उन्हें कुछ लोग बंदरों को पानी पिलाते हुए नज़र आए। बंदर काफी ज्यादा संख्या में थे जबकि उन लोगों के पास पानी की कमी को भांपते हुए शिरस्कर ने समय सूचकता दिखाते हुए अपने वाहन को रुकवाया और वाहन में मौजूद 3 पानी की बोतलें लेकर नीचे उतरे और प्यासे बंदरों को पानी पिलाने लगे। इस ठंडे पानी से कुछ बंदरों की प्यास ज़रूर बुझ गई होगी। शिरस्कर का ये मानवतावादी कदम ज़रूर तारीफ के काबिल है।

बढ़ती हुई गरमी का असर इंसानों की तरह वन्यजीवों पर भी पड रहा है। मनुष्य पानी की व्यवस्था कहीं से भी कर सकता है किंतु बेज़ुबान जीवों को पानी पिलाना हमारा कर्तव्य है: बलिराम शिरसकर, विधायक, बालापुर।

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