Edited by Tarique Khan;
बस्तर (छत्तीसगढ़), NIT;
छत्तीसगढ़ के बस्तर में लगभग 300 नक्सलियों ने सीआरपीएफ के एक बटालियन को घेर कर गोलियों से भून डाला और हथियार व अन्य सामान लूट कर फरार हो गए।
मिली जानकारी के मुताबिक CRPF की 219वीं बटालियन के जवान रोड ओपनिंग के लिए तड़के चार बजे भेज्जी के जंगलों में निकले थे। उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि भेज्जी इलाके में तीन सौ से ज्यादा नक्सलियों का जमावड़ा है। CRPF का गश्ती दल इस बात से पूरी तरह से बेखबर था। दल एक निर्माण स्थल की तरफ जा रहा था। इससे पहले कि CRPF के जवान उस जगह तक पहुंच पाते, नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में जवानों ने भी फायर खोल दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चली आमने सामने की फायरिंग में नक्सली CRPF के जवानों पर भारी पड़े। नक्सली संख्या बल में सीआरपीएफ जवानों से कहीं ज्यादा थे और वे पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से फायरिंग कर रहे थे। जिसके चलते उन्होंने CRPF के जवानों को गोलियों से छलनी कर दिया। इस घटना में 11 जवान शहीद हो गए जबकि 5 जवान बुरी तरह से जख्मी हुए हैं। साथ ही 4 जवानों को मामूली चोटें भी आई हैं। राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इस घटना को नक्सलियों की कायराना हरकत करार दिया है।
जानकारी के अनुसार बस्तर में नक्सलियों ने सड़कों के निर्माण पर पाबंदी लगा रखी है। वह न तो निर्माण एजेंसियों को काम करने देते हैं और न ही मजदूरों को। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कांकेर के जंगलों के भीतर बसे कई गांवों में सड़कों के निर्माण का काम पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों ने अपने हाथों में ले रखा है।
