हाशिम अंसारी, ब्यूरो चीफ सीतापुर (यूपी), NIT:

मनरेगा दिवस पर प्रवीण मुकुंद प्रानजे (ऐपीओ) परसेंडी ने प्रकाश डालते हुए मनरेगा योजना के बारे में लोगों को बताया कि योजना का सुभारम्भ वास्तव में सबसे पहले आंध्र प्रदेश राज्य में भूत पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने प्रारम्भ किया था, इससे ग्रामीण अंचलों में लोगों को श्रम और जीविका चलाने का अच्छा स्रोत प्राप्त हुआ। इसी तरह पूरे राष्ट्र में मनरेगा योजना का सुभारम्भ किया गया। मनरेगा लगातार नित नई ऊंचाइयां छुई है। यही कारण है कि विश्व बैंक ने भारत सरकार की इस योजना की सराहना की। यह विश्व की एक मात्र ऐसी योजना है जो लगातार लोगों को रोजगार देती आ रही है। पहले लोग कहा करते थे कि सबसे ज़्यादा रोज़गार रेल्वे विभाग लोगों को मुहैया करा रही है लेकिन आज ऐसा नहीं है, आज मनरेगा ने उसे पछाड़ दिया है। अब सबसे ज़्यादा रोज़गार देने वाली मनरेगा योजना बन गयी है।
भारत सरकार का उद्देश्य यह है कि इस योजना से ज़्यादा से ज़्यादा विभागों में लोगों का विकास किया जा सके और मनरेगा में हर साल कुछ ना कुछ श्रमिकों का मानदेय में इजाफा करती रहती है।
रामपाल (ऐडीओ ) पंचायत परसेंडी ने मनरेगा को ग्रामीणों के लिए एक अच्छा रोज़गार बताया और कहा कि मनरेगा के बगैर ग्रामीण अंचलों का विकास हो पाना संभव नही था। इससे लोगों को बहुत ही फायदे और साल में कम से कम 100 दिन रोज़गार भारत सरकार अवश्य उपलब्ध कराती है।
इस मौके पर उपस्थित मोहम्मद हारून (अध्यक्ष ग्राम रोजगार सेवक संघ), लाल बिहारी वर्मा (कंपयूटर ऑपरेटर मनरेगा), मो0 फारूक, संजय कुमार, वीरेश कुमार, श्री राम, राकेश कुमार मिश्र, देव प्रकाश, दिनेश कुमार, कामता प्रशाद आदि लोग उपस्थित रहे।
