जितेंद्र वर्मा, हरदा ( मप्र ), NIT;
हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के ढोलगांव कला गांव से एक किमी दूर खेत में बने मकान पर चौकीदारी करने वाले पति-पत्नी की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसी गांव का रहने वाला आरोपी हत्या के बाद मकान में रखा 75 बोरी सोयाबीन चुराकर ले गया था। अपर लोक अभियोजक एसएल निशोद ने बताया कि अनिल जैन ने खेत में बने टप्पर में रूपसिंह कहार (४०) व उसकी पत्नी रेखाबाई (३५) रहती थी। १४ मई २०१६ की सुबह रेखा का खून से लथपथ शव मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की तो सामने आया रूपसिंह लापता है। इस बीच खेत मालिक जैन के पहुंचने पर मकान का ताला तोड़ा गया तो सामने आया कि वहां रखी सोयाबीन की ७८ बोरियों में से ७५ गायब थीं। दोपहर करीब 3 बजे मकान से करीब एक किमी दूर बैडिय़ा गांव के रास्ते पर एक खेत में रूपसिंह का शव भी मिल गया था। दोनों के शवों पर धारदार हथियार के गहरे घाव थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी तो इसी गांव के निवासी निर्भयदास पिता जागेश्वर गुर्जर (४०) पर शक गहराया। जांच में सामने आया कि निर्भय ने ही दोनों की हत्या कर सोयाबीन चुराया था। जिसे उसने हरदा में बेचा। पुलिस ने प्रकरण की जांच कर चालान न्यायालय में पेश किया था। यहां सुनवाई के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह राजपूत ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी निर्भयदास को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास (दो बार) व एक-एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं भादंवि की धारा ३८२ में दस साल और भादंवि की धारा ४५७ के तहत ५ वर्ष की सजा भी सुनाई गई। वारदात के बाद से ही आरोपी जेल में है।
