अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ धुले (महाराष्ट्र), NIT:

नारी सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत एक कार्यक्रम का आयोजन पुलिस स्थापना पखवाड़ा के अवसर पर शाहू नाट्य गुह में किया गया, जिसमें अधिवक्ता चैतन्य भंडारी ने उपस्थित छात्राओं एवं महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने के साथ ही अपराधियों से निपटने के गुर भी बताएं। परेशानी के समय पुलिस से मदद बड़ो से विचार विमर्श करने का आव्हान किया, वहीं पर पुलिस अधीक्षक ने माता पिता के जीवन में बेटी के महत्व को प्रकट करने के लिए उपस्थित छात्राओं को अंग्रेजी में कविता सुनाई और उसका सार मराठी में बता कर बेटी के महत्व को बता कर अनुचित कदम उठाने से पहले माता पिता से विचार विमर्श करने, शिक्षा ग्रहण करने, फिल्मों से अच्छे गुण हासिल करने, जीवन पर दुष्प्रभाव से बचने के लिए लिए कहा। इसी तरह इश्क मोहब्बत के सिनेमा से सद्गुणों के सार हासिल कर माता पिताका का आदर भाव करने का आव्हान किया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक पांढरे ने प्रश्न किया कि छात्राओं को सबसे ज्यादा किस बात कीआवश्यकता है? इस पर मनीषा रमेश वाघ ने सही उत्तर दिया तो पुलिस अधीक्षक ने छात्रा की हाजिर जवाबी पर उसे अपना पेन उपहार स्वरूप दिया।

धूलिया जिला पुलिस दल ने महाराष्ट्र पुलिस स्थापना सप्ताह के अवसर पर नागरिक सुरक्षा हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया है .सोमवार को छात्रा तथा महिलाओं को जागृत करने संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख वक्ता के रूप में अधिवक्ता चैतन्य भंडारी ने उपस्थित छात्राओं महिलाओं को मार्गदर्शन किया और साइबर अपराधों की जानकारी और सुंदर तरीके से निराकरण करने के गुर सिखाए। कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं एवं महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति बेहद सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में वह पुलिस की सहायता ले सकती हैं, जो उन्हें तुरंत उपलब्ध होगी। स्कूली छात्राओं को अपने साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा किस प्रकार करनी है, इस सम्बन्ध में भी विस्तार से बताया। इस दौरान सीएसपी सचिन हिरे, आजाद नगर थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाजीराव बुध्वत, शहर थाना प्रभारी गणेश चौधरी देवपुर थाना प्रभारी दिलीप गांगुर्दे आदि उपस्थित रहे हैं।

नारी सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन पुलिस द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इंग्लिश में नारी शक्ति मातृशक्ति कविता पढ़ कर उसका मराठी अनुवाद करके बताया कि नारी के पेट से जन्मी बेटी ही उसकी दूसरी माँ बनती है वह उसे बोलना चलना पहना सिखाती है.उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में छात्राएं एवं महिलाएं तुरंत पुलिस से संपर्क करें दामिनी दल तत्पर है। उन्होंने छात्राओं को सीमित स्तर पर इंटरनेट सोशल मीडिया उपयोग करने की सलाह दी और साथ ही जिले में किशोरावस्था में लड़कियां घर से लड़कों के साथ चले जाने की बढ़ती वारदातों पर चिंता जताई. फेसबुक व्हाट्सएप सोशल मीडिया से समस्या निर्माण हुई है इस सर का प्रतिपादन एसपी पांडे ने संबोधित करते हुए किया।
