अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ धुले (महाराष्ट्र), NIT:

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की महत्वाकांक्षी योजना ‘जलयुक्त शिवार’ के फायदे धुलिया तहसील में अब नजर आने लगे हैं। सूखे की मार झेल रहे तीसगांव ढंढाणे , चौगांव में 98 .70 टीएमसी पानी जमा हो गया है। इससे किसानों की पैदावार बढ़ी है। जलयुक्त के अलावा कुआं खोदने और ‘जिसे चाहिए पोखर उसे मिलेगा पोखरा’ योजना का भी रंग दिखने लगा है। इन तीनों योजनाओं का बेहतरीन प्रतिसाद भी किसान दे रहा है। यहां तक कि किसान अपने श्रमदान से नाले की गहराई करण के कार्यों का भी असर दिखने लगा है। गांव में फ़िलहाल पानी के टैंकर आना बंद हो गए हैं।

जलयुक्त शिवार योजना बनी धुलिया तहसील के वरदान प्रदेश में पानी की समस्या को दूर करने के लिए जलयुक्त शिवार योजना को लाया गया है। योजना के तहत सूखे की चपेट में भी तहसील के गावों में आज भी इस सूखाग्रस्त माहौल में किसान अनार सब्जी और पपीते की फसलें से सुजलाम सुफलाम हो है और उसके साथ ही गांवों को पानी की समस्या से छुटकारा मिला है. कृषि विभाग द्वारा आयोजित जल युक्त शिवार के दौरे के दौरान दिखाई दिया है।

प्रारंभ में धुलिया तहसील तिस गाव ढंढाणे ग्राम का मुआयना किया जिसमें भात नदी पर बने तीन जलयुक्त शिवार के बांधो की जांच की गई। बरसात के मौसम के दौरान कम वर्षा के बावजूद, इन तीनों बांधो में पानी का जल स्तर बड़ा है। इसके कारण, क्षेत्र के किसान विभिन्न प्रकार की सब्जियों की बुआई कर रहे हैं वही पर भरपूर मात्रा में पानी होने के कारण चारा किल्लत नही के बराबर है जिसके कारण से पशु के दूध उत्पादन और पशु चारा न्युट्रीसीड्स के उपयोग से तीन लीटर दूध में वृद्धि होने की बात किसानों ने बताया है।

बांध की निर्माण कार्य करने के लिए पानी की किल्लत थी लेकिन आज जल युक्त शिवार के कारण पानी ही पानी हो गया है। आसपास के कुँए का जलस्तर बढ़ने के कारण परिसर के किसान सूखेपन पर मात देकर परिसर में पानी ही पानी हो गया और किसानों का जीवन सुखद अनुभूति प्राप्त होने की जानकारी किसानों ने दी और अधिक मात्रा में जल युक्त शिवार के कार्यों की शृंखला बढ़ाने की मांग उपस्थित किसानों की इस दौरान कृषी सहायक मोरे किसान दिलप गोरखनाथ साळुंखे, प्रदीप पाटील उपस्थित थे।
