मजहब-ए-इस्लाम में पाकी आधा ईमान है, मुसलमानों को जिस्मानी पाकी के साथ-साथ अपने मोहल्लों, शहरों और क़स्बों को भी पाक व साफ रखना चाहिए: आबिद कुरेशी | New India Times

साबिर खान, आगरा/लखनऊ, NIT; 

मजहब-ए-इस्लाम में पाकी आधा ईमान है, मुसलमानों को जिस्मानी पाकी के साथ-साथ अपने मोहल्लों, शहरों और क़स्बों को भी पाक व साफ रखना चाहिए: आबिद कुरेशी | New India Times​ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन के जिला सदस्य आबिद क़ुरैशी ने ईद-उल-अज़हा पर्व को लेकर कहा कि मजहब-ए-इस्लाम में पाकी आधा ईमान है। मुसलमानों को जिस्मानी पाकी के साथ साथ अपने मोहल्लों, शहरों और क़स्बों को भी पाक व साफ रखना चाहिए जिससे अपने साथ दूसरे समुदाय के लोगों को भी तकलीफ न पहुंचे, साथ ही शरीअत में किसी को भी तकलीफ पहुंचाने को नाजायज़ करार दिया गया है। ईद-उल-अज़हा का त्योहार खुदा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देने यानी त्याग और बलिदान का संदेश देता है और ज़रूरत मन्दो की मदद करना भी क़ुर्बानी का हिस्सा है।

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