बहराइच फायरिंग कांड: पत्रकार के खिलाफ फर्जी केस दर्ज करने वाली पुलिस दवा माफिया पर फायरिंग का केस दर्ज करने से हट रही है पीछे, पीडित युवक उच्च अधिकारियों के कार्यालयों का काट रहा है चक्कर, इंसाफ न मिलने पर युवक मुख्यमंत्री से शिकायत की कर रहा है तैयारी | New India Times

साबिर खान, बहराइच/लखनऊ, NIT; 

बहराइच फायरिंग कांड: पत्रकार के खिलाफ फर्जी केस दर्ज करने वाली पुलिस दवा माफिया पर फायरिंग का केस दर्ज करने से हट रही है पीछे, पीडित युवक उच्च अधिकारियों के कार्यालयों का काट रहा है चक्कर, इंसाफ न मिलने पर युवक मुख्यमंत्री से शिकायत की कर रहा है तैयारी | New India Times​उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद भी पुलिस अपनी कार्यशैली तब्दील करने  के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है। अपराधियों व माफियाओं के साथ गठजोड का सिलसिला प्रदेश में बदस्तूर जारी है। ताजा मामला बहरच जिले में सामने आया है। यहां पुलिस ने जिस दवा माफिया की शिकायत पर एक स्थानीय पत्रकार पर झूठा एफआईआर दर्ज किया था उसी दवा माफिया द्वारा एक मेडिकल स्टोर कर्मी पर फायरिंग करने के बावजूद पुलिस ने किसी भी तरह का कोई भी मामला दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस का यह दोगलापन उनकी कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है।​बहराइच फायरिंग कांड: पत्रकार के खिलाफ फर्जी केस दर्ज करने वाली पुलिस दवा माफिया पर फायरिंग का केस दर्ज करने से हट रही है पीछे, पीडित युवक उच्च अधिकारियों के कार्यालयों का काट रहा है चक्कर, इंसाफ न मिलने पर युवक मुख्यमंत्री से शिकायत की कर रहा है तैयारी | New India Timesउत्तर प्रदेश के बहराइच शहर में विगत दिनों पुलिस ने दवा माफियाओं, दलालों व सरकारी डॉक्टरों के काली करतूतों को बेनकाब करने वाले स्थानीय पत्रकार फराज अंसारी पर दवा माफिया अमित सिंह की शिकायत पर झूठा एफआईआर दर्ज किया था जो काफी दिनों तक चर्चा में रही, लेकिन उसी दवा माफिया अमित सिंह द्वारा मामूली बात को लेकर मेडिकल स्टोर कर्मी पर फायरिंग कर दी थी। घटनास्थल से पुलिस ने कारतूस का खाली खोखा भी बरामद किया लेकिन अमित सिंह की पुलिस से सेटिंग के कारण एफआईआर दर्ज नहीं की गई जिसकी शिकायत पीड़ित युवक से पुलिस अधीक्षक व डीआईजी सेे भी की है फिर भी उसे कही से भी इंसाफ नहीं मिल रहा है।​बहराइच फायरिंग कांड: पत्रकार के खिलाफ फर्जी केस दर्ज करने वाली पुलिस दवा माफिया पर फायरिंग का केस दर्ज करने से हट रही है पीछे, पीडित युवक उच्च अधिकारियों के कार्यालयों का काट रहा है चक्कर, इंसाफ न मिलने पर युवक मुख्यमंत्री से शिकायत की कर रहा है तैयारी | New India Timesविश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दवा माफिया अमित सिंह जिला अस्पताल के एमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों को उसके मन माफिक दवा लिखने के एवज मोटी कमीशन के अलावा उन्हें संरक्षण भी देता है। अस्पताल के दबंग डॉक्टर रामपाल सिंह पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं। पीड़ित पर दबंग डाॅक्टर रामपाल सिंह का नाम हटाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बताया जाता है कि डॉक्टर रामपाल सिंह अपने ऊंचे रसूख का हवाला देकर अस्पताल में दबंगई करते रहते हैं। दो माह पूर्व भी इसी डाॅक्टर रामपाल सिंह ने अस्पताल में आये मरीज के तीमारदारों को अपने गुर्गे के साथ मिलकर लात घूंसों से पिटाई की थी। इस घटना में भी अमित सिंह दवा माफिया ने बवाल मचा कर अस्पताल में स्थित पुलिस चौकी पर तैनात सिपाहियों से जमकर अभद्रता की थी।​बहराइच फायरिंग कांड: पत्रकार के खिलाफ फर्जी केस दर्ज करने वाली पुलिस दवा माफिया पर फायरिंग का केस दर्ज करने से हट रही है पीछे, पीडित युवक उच्च अधिकारियों के कार्यालयों का काट रहा है चक्कर, इंसाफ न मिलने पर युवक मुख्यमंत्री से शिकायत की कर रहा है तैयारी | New India Timesपीड़ित ने एनआईटी को बताया कि दिन व रात में लाखों रुपये की कमीशन की दवाएं इस दवा माफिया अमित सिंह की लिखी जाती हैं। घटना की रात उसने कमीशन की दवा न देकर पेटेंट दवा मरीज को दे दी थी जिस से ड्यूटी पर तैनात दबंग डॉक्टर राम पल सिंह ने दवा खराब कहकर वापस करने को कही, इसी बात से कुछ कहा सुनी हो गई,  जिस नर डॉक्टर रामपाल ने दवा माफिया को बुला लिया, आते ही आते दवा माफिया अमित अपनी कम्पनी की दवा न देने से आग बबूला होकर मेरे ऊपर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दी लेकिन पीड़ित ने हाथ झटक कर अपनी जान बचाई।

पीड़ित ने कहा कि अगर इंसाफ नही मिला तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जनता दरबार में  इंसाफ की गुहार लगाऊंगा।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article