मकसूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
जमीयत उलेमा ए हिंद की ओर से मुस्लिम समाज को आरक्षण देने की मांग को लेकर एक ज्ञापन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम यवतमाल के जिलाधिकारी को सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि मुस्लिम समाज ने आरक्षण के लिए पहले भी कई बार ज्ञापन सौंपे, शांती से आंदोलन किया, चर्चाएं हुईं लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही दिया गया। संविधान की ध्यान में रख कर स्वतंत्रता, समता, बंधूता और सामाजिक न्याय प्रस्थापित करने के लिए जमीयत हमेशा से प्रयासरत रही है। स्वतंत्रता के लिए भी मुस्लिम समाज का काफी अहम योगदान रहा है। स्वतंत्रता के बाद मुस्लिम समाज सामाजिक, शिक्षा, आर्थीक क्षेत्र में पिछडा है। न्यायमूर्ति सच्चर, मिश्रा कमिशन, मेहमुर्दरहेमान आदि ने भी मुस्लीम समाज के लिए आरक्षण जरूरी होने की बात कही है। सरकार ने मुस्लिम समाज को 5 प्रतिशत आरक्षण का अध्यादेश निकाला था, लेकिन यह अध्यादेश कानुन के घेरे में अटक गया। सरकार द्वारा इस बारे में ठोस कारवाई न करने से यह आरक्षण रद्द किया गया। सरकार अल्पसंख्यकों का हक्क ठुकरा रही है, ऐसी भावना अल्पसंख्यक समाज में पैदा हो रही है।
शिक्षा से वंचित मुस्लिम समाज को न्याय और हक्क तुरंत मिले। अतः उनके 5% आरक्षण देने संबधी कारवाई करें अन्यथा महाराष्ट्र राज्य में जमीयत उलेमा ए हिंद बडा आंदोलन करेगी, ऐसी चेतावनी इस ज्ञापन द्वारा दी गई है।
इस मौके पर जमियत के यवतमाल जिलाध्यक्ष मुफ्ती मुहम्मद एजाज, मौलवी शारीक साहब, वसीम खान, अॅड. इमरान देशमुख, अली इमरान, हाफिज नसीम तथा सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।
