इरफान खान, अलीराजपुर (मप्र), NIT;
पिछले 23 जुलाई से अपने वेतन विसंगति दूर करने एवं 23 सूत्रीय मांगों को लेकर अलीराजपुर में हड़ताल पर उतर कर धरना आंदोलन कर रहे लिपिक कर्मचारियों ने सोमवार को बस स्टैंड पर चाय का स्टाल लगाकर 2 रुपये प्रति कट चाय बेची। लिपिक संघ द्वारा लगाये गए इस चाय के स्टॉल पर दिन भर बड़ी संख्या में ग्राहकों की भीड़ जमा रही। विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं आम जनता ने लिपिकों की समस्या के प्रति करुणा और दया भाव दिखाते हुए चाय खरीदी। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए लिपिक संघ के अध्यक्ष दिलीप सिंह पवार ने बताया कि जो लिपिक अपने काम के माध्यम से नोटशीट चलाकर ,पत्राचार के माध्यम से शासन प्रशासन की योजनाओं को गांव, नगर, तहसील और जिले में पहुंचाता है आज उसी लिपिक वर्ग को वेतन विसंगति की समस्या से जूझने पर मजबूर होना पड़ रहा है। अपनी समस्या से पीड़ित और दुखी लिपिक वर्ग को आज मजबूरीवश बाजार में चाय बेचना पड़ रही है। शासन के नुमाइंदे लिपिक वर्ग की वेतन संबंधी समस्या को दूर करने के लिए जरा भी नहीं सोच रहे हैं। संघ के संरक्षक अनिल दसौंधी अन्य सदस्य विनय डावर धर्मेंद्र चौहान आदि ने अपने संबोधन में बताया कि लिपिक कर्मचारियों की वेतन विसंगति संबंधी मांग पिछले 30 सालों से चली आ रही है परंतु शासन ने अभी तक इसका निराकरण नहीं किया है। जिससे लिपिक वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रदेश सहित पूरे जिले के विभिन्न इलाकों में लगातार 8 दिन दिन से हड़ताल जारी है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। चाय के इस पंडाल में उपस्थित नगरपालिका के उपाध्यक्ष मकु सेठ परिवार ने चाय की चुस्कियां लेते हुए बोला कि लिपिक वर्ग की समस्या को मैं महसूस करता हूँ। अगले महीने अलीराजपुर में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आगमन है उस दौरान लिपिक वर्ग की इस मांग प्रस्ताव को रखकर उनसे समस्या का निराकरण करने की मांग करूंगा।स्टाल पर चाय पीने आने वाले मीडियाकर्मी, एडवोकेट ,व्यापारी वर्ग आदि आम जनता ने भी लिपिक वर्ग की इस हड़ताल को सही मानते हुए उनका समर्थन किया।स्टाल पर चाय बिक्री से हुई आमदनी से कर्मचारियों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल और बिस्कुट वितरित करने का निर्णय लिया है। स्टाल पर कर्मचारियों ने हम अपना अधिकार मांगते हैं नहीं किसी से भीख मांगते हैं, कर्मचारी एकता जिंदाबाद जिंदाबाद, हमारी मांगे पूरी करो, पूरी करो जैसे गगनभेदी नारे लगाए और अपना विरोध प्रकट किया। सोमवार को लिपिक कर्मचारियों की हड़ताल का आठवां दिन था जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कर्मचारियों को उपस्थित हुए। फतेह क्लब स्थित धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में इस बात का संकल्प व्यक्त किया गया कि जब तक शासन मांगें पूरी नहीं करता तब तक कोई साथी अपने काम पर नहीं लौटेगा और न ही अपनी अपनी शाखा का कोई दायित्व निर्वहन करेगा। लेखा शाखा के प्रभारी लिपिक कर्मचारियों ने अगले माह अगस्त का वेतन नहीं निकालने का भी संकल्प व्यक्त किया है। लिपिक कर्मचारियों की हड़ताल से जिला प्रशासन के अधिकारी भारी मुसीबत में हैं।अगले माह अगस्त का वेतन निकलना है यदि हड़ताल जल्द खत्म नही हुई तो जिले के करीब 8000 छोटे बड़े अधिकारी कर्मचारियों का वेतन आहरित होने में परेशानी आ सकती है। परिणामस्वरूप जिले के सभी कर्मचारियों को वेतन संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
