सद्दाम हुसैन, लखनऊ, NIT;
लखनऊ में ऑटो एसोसिएशन ने ऑटो में छूटे नोटों से भरे बैग को नेवी अफसर को लौटा कर ईमानदारी की मिसाल कायम की है। इस बैग में तीन लाख रुपये की नकदी व गहने थे। यह अफसर कानपुर से लखनऊ रिश्तेदार के घर आया था। नेवी अफसर ने ऑटो ड्राइवर को एक हजार रुपये ईनाम दिया।
लखनऊ ऑटो रिक्शा थ्री व्हीलर संघ के अध्यक्ष पंकज दीक्षित ने NIT संवाददाता को बताया कि हरदोई निवासी जेके मिश्रा विशाखापट्टनम में नेवी में लेफ्टिनेंट हैं। वह कानपुर निवासी ससुर अनिल पांडेय व पत्नी नीना मिश्रा के साथ बृहस्पतिवार दोपहर को लखनऊ आए थे।
चारबाग रवींद्रालय स्टैंड से जेके मिश्रा ने गोमती नगर अपनी रिश्तेदार के घर जाने के लिए ऑटो किया और ऑटो से रिश्तेदार के घर उतर गए लेकिन परिवारीजन ऑटो से अटैची निकालना भूल गए। ऑटो चालक मुकेश सिंह ने भी सामान का ध्यान नहीं दिया और दूसरी सवारी लेकर आगे निकल गया। बाद में परिवारीजनों ने मामले की जानकारी गोमती नगर थाने और रवींद्रालय स्टैंड के संचालक सोनू रावत को दी। सोनू ने पदाधिकारियों को सूचना देने के साथ ऑटो की तलाश परिवारीजनों के पहचान के मुताबिक शुरू कर दी। करीब चार घंटे बाद शाम को किशोर वर्मा व अन्य पदाधिकारियों के प्रयास से अटैची सकुशल चालक से बरामद कर ली गई।
