ओवैसी सिद्दीकी, अकोला (महाराष्ट्र), NIT;
जन सत्याग्रह संगठन का बे मुद्दत आमरण अनशन। आंदोलन कर्ताओ पर हाथ उठाने व गाली गलोच करने वाले पुलिस कर्मचारी को निलंबित करने की मांग को लेकर आज से जन सत्याग्रह संगठन का बे मुद्दत आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
20 अप्रैल 2018 को जन सत्याग्रह संगठन ने लोकशाही मार्फत अकोट स्टैंड परिसर में देश में बढ़ती हुई बलात्कार की घटनाओं और बलात्कारियों को फांसी की सजा होनी चाहिए, इस मांग को लेकर फांसी आंदोलन कर पुतला दहन किया था, जिस पर आंदोलनकारियों पर गुनाह दाखिल कर कार्रवाई की गई थी। लेकिन किसी भी आंदोलनकारी को पुलिस को मारने का अधिकार या फिर गाली गलौज करने का अधिकार संविधान ने नही दिया है फिर भी कुछ पुलिस कर्मचारियों ने जन सत्याग्रह संगठन के आंदोलनकारियों को मारा पीटा और गाली गलौज किया था। जिन पुलिस कर्मचारियों ने आंदोलनकारियों पर हाथ उठाया और गालियां दी उन पुलिस कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग को लेकर जन सत्याग्रह संगठन के अकोला महानगर उपाध्यक्ष तौसीफ अहमद आज से बेमुदत आमरण अनशन कर रहे हैं।उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि इंसाफ की लड़ाई में साथ दें।
