कासिम खलील, बुलढाणा(महाराष्ट्र), NIT;
किसी ख़ास व्यक्ति के बड़े समारोह में शिरकत का न्योता मिलने के बाद आमतौर पर लोग निमंत्रण पत्रिका सभी को बता कर अपनी जान-पहचान व रुसूख का परिचय देते हैं और अगर यही न्योता अमेरिका के राष्ट्रपति के पदग्रहण समारोह का हो तो, अप ही इसका अंदाज़ा लगा सकते हैं।जी हाँ कुछ ऐसा ही हुआ है बुलढाणा ज़िले के एक सुपुत्र के साथ, जिसे अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पदग्रहण समारोह में आमंत्रित किये जाने पर वह इस ऐतिहासिक पल का साक्षीदार बना।
अमेरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प का पदग्रहण समारोह 20 जनवरी को “व्हाइट हाऊस” में पुरे ताम-झाम के साथ संपन्न हुआ। इस समारोह में भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तक को नही बुलाया गया किन्तु महाराष्ट्र के बुलढाणा ज़िला अंतर्गत के विश्वविख्यात खारे पानी की झील वाले लोणार से सटे ग्राम पांगरा डोले के निवासी बालासाहेब दराडे देश भर से एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्हें इस समारोह का निमंत्रण मिला था। बता दें कि बालासाहेब दराडे वैज्ञानिक हैं जिन्होंने “नासा” में भी काम किया है। देश की जनता के लिए कुछ किया जाए इस सोच के साथ बालासाहेब दराडे देश लौट आए। देश के पुर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने लोणार तहसिल के पांगरा डोले ज़िला परिषद सर्कल से निर्दलीय चुनाव लड़ा और ग्रामीण जनता ने उनकी काबिलियत को देखते हुए उन्हें भारी मतों से जिताते हुए बुलढाणा ज़िला परिषद का सदस्य बनाया।
आर्थिक, संरक्षण, आईटी, ऊर्जा, दवा निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर हित के निर्णय लेंगे और भारत व अमेरिका के संबंधों को और मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास करेंगे ऐसी गवाही शपथविधि समारोह से पहले हुई चर्चा में डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दिए जाने की बात बालासाहेब दराडे ने बताते हुए कहा कि मुम्बई और महारष्ट्र पर भी ट्रम्प का ध्यान है। बुलढाणा ज़िला परिषद के युवा सदस्य बालासाहेब दराडे हाल में राज्य व केंद्र सरकार की अनेक समितियों में बतौर सलाहकार के काम कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रम्प के इस शाही समारोह में बुलढाणा ज़िले के सुपुत्र बालासाहेब दराडे का शामिल हो कर देश का नेतृत्व करना निश्चित रूप से बड़े अभिमान और सम्मान की बात है।
