अतीश दीपंकर, कोलकाता (पश्चिम बंगाल), NIT:

पूर्व रेलवे ने श्रावणी मेला 2026 के 26वें दिन, 24 अगस्त को लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित, आरामदायक और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए अपनी समर्पित सेवाएं जारी रखीं। पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक सुश्री गीतिका पांडेय के मार्गदर्शन में रेलवे ने प्रमुख तीर्थस्थलों पर यात्रियों की भारी भीड़ का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया। साथ ही, चौबीसों घंटे चिकित्सा सहायता तथा दिव्यांग और जरूरतमंद यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

24 अगस्त को अकेले जसीडीह में 68,268 यात्रियों, बैद्यनाथधाम में 7,143 यात्रियों, देवघर में 22,627 यात्रियों, बासुकीनाथ में 19,675 यात्रियों, सुल्तानगंज में 35,309 आवक यात्रियों तथा तारकेश्वर में 35,711 यात्रियों को संभाला गया। यात्रियों की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए पूर्व रेलवे ने कई विशेष ट्रेनों का संचालन किया। इनमें जसीडीह में 33, बैद्यनाथधाम में 6, देवघर में 21 और बासुकीनाथ में 13 विशेष ट्रेनें शामिल थीं। सुल्तानगंज स्टेशन के लिए भी विशेष ट्रेन सेवाएं संचालित की गईं।

निर्बाध ट्रेन संचालन के साथ श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा और अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई गई। जसीडीह में 315 चिकित्सा सहायता और 5 व्हीलचेयर, बैद्यनाथधाम में 2 व्हीलचेयर, देवघर में 124 चिकित्सा सहायता और 1 व्हीलचेयर, बासुकीनाथ में 195 चिकित्सा सहायता और 1 व्हीलचेयर, सुल्तानगंज में 37 चिकित्सा सहायता और 1 व्हीलचेयर तथा तारकेश्वर में 36 चिकित्सा सहायता प्रदान की गईं।
इन सुचारु व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की देखभाल के पीछे पूर्व रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों, मंडल अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के जमीनी स्तर पर तैनात कर्मचारियों के अथक प्रयास और बेहतर टीम समन्वय का महत्वपूर्ण योगदान रहा। चौबीसों घंटे निगरानी, परिचालन योजना और समर्पित सेवा के माध्यम से रेलवे कर्मियों ने यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की।
मेले के प्रारंभ से अब तक के संचयी आंकड़े भी पूर्व रेलवे की व्यापक तैयारियों को दर्शाते हैं। 30 जुलाई से 24 अगस्त 2026 के बीच जसीडीह में 17,34,883 यात्रियों को संभाला गया। इस दौरान 8,581 चिकित्सा सहायता प्रदान की गईं और 160 व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं। इस अवधि में 764 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया, जिनमें 11,074 कोच शामिल थे। वहीं, 6,477 आरपीएफ कर्मियों को ड्यूटी पर तैनात किया गया।
इसी अवधि में सुल्तानगंज में 16,00,894 आवक यात्रियों को संभाला गया। यहां 914 चिकित्सा सहायता और 25 व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा 888 कोच वाली 64 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया तथा 2,928 आरपीएफ कर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया।
देवघर में संचयी रूप से 4,69,965 यात्रियों को संभाला गया, जबकि 4,513 चिकित्सा सहायता और 13 व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं। बासुकीनाथ में 4,02,736 यात्रियों को संभाला गया तथा 13,958 चिकित्सा सहायता और 11 व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं। वहीं, बैद्यनाथधाम में 1,59,897 यात्रियों को संभाला गया और 2,249 चिकित्सा सहायता तथा 24 व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं।
18 जुलाई से 24 अगस्त 2026 के बीच तारकेश्वर में 26,34,890 यात्रियों को संभाला गया। इस दौरान 1,267 चिकित्सा सहायता और 71 व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गईं। साथ ही, 552 कोच वाली 46 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया और सुरक्षा व्यवस्था के लिए 4,545 आरपीएफ कर्मियों को तैनात किया गया।
रेलवे की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा, “श्रावणी मेला के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूर्व रेलवे सभी तीर्थयात्रियों की सुगम और परेशानी-मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सुनियोजित कार्यप्रणाली और समर्पित सेवा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

