रफीक़ आलम, दमुआ/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

नागद्वारी मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन 7 अगस्त से किया जाना था। लेकिन नगर पालिका दमुआ ने 10 अगस्त को दिशा सूचक बोर्ड तो लगा दिए, लेकिन ये बोर्ड श्रद्धालुओं की मदद करने के बजाय महज ‘शोभा की सुपारी’ साबित हो रहे हैं।
दिशा सूचक बोर्ड से श्रद्धालुओं को सही रास्ता मिले या न मिले, लेकिन नगर पालिका की ‘बचत नीति’ का संदेश साफ दिखाई दे रहा है। बाँस की कमची के फ्रेम पर बनाए गए इतने छोटे आकार के बोर्ड नपा के इतिहास में पहली बार देखने को मिल रहे हैं। नतीजतन, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को रास्ता तलाशने के लिए स्थानीय दुकानदारों का सहारा लेना पड़ रहा है।
मेला मार्ग नवेगांव से नीमढाना होते हुए दमुआ पहुंचता है। नए बस स्टैंड पर वाहनों के लिए नि:शुल्क पार्किंग की व्यवस्था की गई है, लेकिन इसकी जानकारी देने वाला एक भी दिशा सूचक बोर्ड नहीं लगाया गया है।
दीनदयाल चौक पर बड़े रेडियम बोर्ड की जरूरत
दीनदयाल चौक पर बड़े आकार का रेडियम दिशा सूचक बोर्ड लगाने की सख्त जरूरत है, ताकि रात के समय भी यात्री आसानी से सही मार्ग देख सकें। अतीत में दिशा सूचक बोर्ड नहीं होने के कारण कई श्रद्धालु भ्रमित होकर सारणी रोड की ओर चले गए और झिरी घाट पर दुर्घटनाओं का शिकार हुए हैं।
सारणी की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए पर्यटन विभाग के बोर्ड के पास एक दिशा सूचक बोर्ड लगाया जाना चाहिए, जिसका तीर इंदिरा चौक की ओर मार्ग दर्शाए। वहीं, इंदिरा चौक पर लगा बोर्ड रैन बसेरा की ओर जाने वाला मार्ग प्रदर्शित करे।
रैन बसेरा से आगे नंदन मार्ग के पोल पर ऐसा दिशा सूचक बोर्ड लगाया जाना चाहिए, जिसका तीर भाखरा की ओर जाने वाला रास्ता दिखाए।
कन्हान प्रेस क्लब लगाएगा दिशा सूचक बोर्ड
लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कन्हान प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेश साहू ने पहल की है। उन्होंने कहा कि आगामी महादेव मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कन्हान प्रेस क्लब की ओर से सभी आवश्यक और संवेदनशील स्थानों पर उचित आकार के रेडियम दिशा सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे।
गौरतलब है कि मुकेश साहू प्रतिवर्ष नागद्वारी और महादेव मेला यात्रियों के लिए सर्वसुविधायुक्त भंडारे का आयोजन कई वर्षों से करते आ रहे हैं, जिसकी श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों द्वारा सराहना की जाती है।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि व्यवस्थाओं में लापरवाही के बजाय समय रहते पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

