पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी की जमानत याचिका कोर्ट ने की खारिज | New India Times

ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश श्री बी. एम. पाटील ने 12 वर्षीय नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपी अंकित महादेव खोब्रागडे (21), निवासी पोपटखेड़, तहसील अकोट, जिला अकोला द्वारा दायर जमानत अर्जी खारिज कर दी।

आरोपी के विरुद्ध अकोट ग्रामीण पुलिस थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 144/2024 में भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुरूप दर्ज मामले के साथ पॉक्सो अधिनियम की धाराओं 4 एवं 5 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी 13 अप्रैल 2024 से अकोला जिला केंद्रीय कारागार में न्यायिक हिरासत में बंद है।

अभियोजन के अनुसार, पीड़िता की मां ने 8 अप्रैल 2024 को रामदासपेठ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी 12 वर्षीय पुत्री, जो छठी कक्षा की छात्रा है, ने बताया कि 28 फरवरी 2024 को स्कूल के पास से आरोपी उसे जबरन पकड़कर एक महिला के घर ले गया, जहां महिला नशे की हालत में बेहोश थी। इसके बाद आरोपी ने कथित रूप से नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि 1 मार्च 2024 को आरोपी ने उसके साथ दोबारा इसी प्रकार की वारदात की। बाद में घटनास्थल के अधिकार क्षेत्र के अनुसार मामला अकोट ग्रामीण पुलिस थाने को स्थानांतरित कर दिया गया।

जांच अधिकारी ने लापता बालिका को बडनेरा रेलवे स्टेशन से जीआरपी की सहायता से बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। जांच के दौरान पीड़िता का बयान, जन्म प्रमाण-पत्र, चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट तथा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दर्ज बयान सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।

सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक अजित देशमुख ने जमानत का विरोध करते हुए न्यायालय में तर्क दिया कि आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं, अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है तथा जमानत मिलने पर आरोपी द्वारा पीड़िता एवं अन्य गवाहों को प्रभावित करने या उन पर दबाव बनाने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखते हुए मामले का शीघ्र परीक्षण कराने के लिए तैयार है।

फरियादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता शुभम सूर्यवंशी ने भी अभियोजन का समर्थन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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