मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

फेडरेशन ऑफ महाराष्ट्र मुस्लिम्स (FMM) ने महाराष्ट्र में चल रही विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की अंतिम तिथि 8 अगस्त 2026 को अपर्याप्त बताते हुए इसे कम से कम दो माह बढ़ाने की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि करीब 12 करोड़ आबादी वाले राज्य में मौजूदा समयसीमा के भीतर सभी पात्र मतदाताओं तक पहुंच पाना संभव नहीं है। FMM के अनुसार, बड़ी संख्या में किसान इस समय खरीफ फसलों की बुवाई में व्यस्त हैं, वहीं वारकरी समाज के श्रद्धालु आषाढ़ी वारी सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों के चलते अपने निवास स्थान से बाहर हैं।
संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि कई क्षेत्रों में प्री-एसआईआर मैपिंग अधूरी है, तकनीकी दिक्कतें बनी हुई हैं और बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) पर कार्यभार अधिक है।
FMM ने मांग की है कि SIR प्रक्रिया की अवधि दो माह बढ़ाई जाए, ताकि सभी पात्र मतदाताओं को नाम सत्यापन और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने का पर्याप्त अवसर मिल सके। साथ ही शिक्षकों, आंगनवाड़ी सेविकाओं व BLO के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है।
ज्ञापन में घर-घर आवेदन पत्र वितरण, राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान, मराठी सहित स्थानीय भाषाओं में आधिकारिक वीडियो जारी करने तथा ऑनलाइन प्रणाली व डेटा अपलोड से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान की जरूरत पर भी जोर दिया गया है।
संगठन का कहना है कि राज्य में फिलहाल कोई तत्काल चुनाव प्रस्तावित नहीं है, ऐसे में समयसीमा बढ़ाने में प्रशासनिक बाधा नहीं होनी चाहिए। FMM ने निर्वाचन आयोग से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की है।

