राकेश यादव, ब्यूरो चीफ, सागर (मप्र), NIT:
देवरी नगर स्थित शासकीय संदीपनी विद्यालय में कक्षा 11वीं के प्रवेश को लेकर सोमवार को जनाक्रोश फूट पड़ा। ‘आस एक उम्मीद सामाजिक संस्था’ के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और सामाजिक कार्यकर्ता स्कूल के सामने धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम नया तहसीलदार एवं विद्यालय प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की।
धरने के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार ‘शिक्षा का अधिकार’ और ‘स्कूल चलें हम’ जैसे अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर देवरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों छात्र 11वीं में प्रवेश के लिए भटक रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूलों की ऊंची फीस के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।
संस्था द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय में सीटें बढ़ाने, प्रवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने तथा सभी वंचित विद्यार्थियों को तत्काल प्रवेश देने की मांग की गई। इसके अलावा विद्यालय भवन में बारिश के दौरान हुई लीकेज की उच्चस्तरीय जांच, मरम्मत, विलय किए गए विद्यालयों के शिक्षा सदन व प्रयोगशालाओं के पुनः संचालन और अतिथि शिक्षकों के समायोजन की भी मांग उठाई गई।
संस्था के अध्यक्ष संजय बृजपुरिया ने बताया कि करीब 500 छात्र-छात्राओं का प्रवेश अब तक लंबित है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता गौरव पांडे ने कहा कि हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
इधर विद्यालय के प्राचार्य सुनील बड़ेरिया ने आश्वासन दिया कि किसी भी विद्यार्थी को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी आवेदनों को जमा कर लिया गया है और वरिष्ठ कार्यालय से अनुमति मिलते ही सीटें बढ़ाई जाएंगी। प्राचार्य के अनुसार 20 जुलाई तक कक्षा 6वीं, 9वीं और 11वीं के सभी पात्र विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

