दारुस्सुरूर सोसाइटी के 10 वर्ष पूरे, भव्य समारोह में शिक्षा, साहित्य और समाजसेवा की हस्तियों का सम्मान | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

दारुस्सुरूर एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी, बुरहानपुर की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार, 21 जून 2026 को रात्रि 8 बजे अंसार नगर स्थित अब्दुर्रहमान हॉल में पूर्व विधायक हाजी हमीदुद्दीन काज़ी की अध्यक्षता में भव्य एवं यादगार समारोह आयोजित किया गया। समारोह में नगर की शैक्षणिक, साहित्यिक, सामाजिक, पत्रकारिता और धार्मिक क्षेत्र की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया।

सोसाइटी के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर हिजामा (कपिंग थेरेपी) शिविर, बुरहानपुर हेरिटेज वॉक, “कारवां-ए-अकीदत: बसूए बारगाह-ए-औलिया-ए-बुरहानपुर” तथा निबंध लेखन प्रतियोगिता सहित विभिन्न शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं छात्र-छात्राओं को सम्मान-पत्र, पुरस्कार और आकर्षक उपहार प्रदान किए गए।

इस अवसर पर विभिन्न शहरों से आए विशिष्ट अतिथियों को शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए “हज़रत सअदी दक्कनी बुरहानपुरी अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उर्दू के प्रथम कवि एवं रेख़्ता के प्रवर्तक हज़रत सअदी दक्कनी बुरहानपुरी की स्मृति को समर्पित है।

समारोह का मुख्य आकर्षण युवा साहित्यकार परवाना बुरहानपुरी के उर्दू बाल उपन्यास “पुर इसरार हवेली और चार कमसिन जासूस” का लोकार्पण रहा। इसे बुरहानपुर का पहला उर्दू बाल उपन्यास माना जा रहा है। अतिथियों ने पुस्तक का विमोचन किया और इसे नगर की साहित्यिक परंपरा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में नगर की विभिन्न सामाजिक, साहित्यिक एवं जनसेवी संस्थाओं द्वारा परवाना बुरहानपुरी का शॉल, स्मृति-चिह्न, पुष्पमालाओं और सम्मान-उपहारों से अभिनंदन किया गया।

सोसाइटी के अध्यक्ष तनवीर रज़ा बरकाती ने कहा कि बाल साहित्य नई पीढ़ी के बौद्धिक एवं नैतिक विकास का प्रभावी माध्यम है और यह उपन्यास बच्चों में अध्ययन की रुचि तथा सकारात्मक जीवन मूल्यों को बढ़ावा देगा।

प्रसिद्ध शायर जनाब ताहिर नक़्क़ाश ने दारुस्सुरूर सोसाइटी की दस वर्षों की सेवाओं की सराहना करते हुए इसे शिक्षा, समाजसेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित एक बहुआयामी मिशन बताया।

वरिष्ठ साहित्यकार उस्ताद जमील असगर रियाज़ी ने सभी विशिष्ट अतिथियों का परिचय देते हुए उनकी शैक्षणिक, साहित्यिक और सामाजिक सेवाओं की प्रशंसा की।

सोसाइटी के सक्रिय सदस्य एडवोकेट एहतेशाम आतिफ ने संस्था की दस वर्षों की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिक्षा, जागरूकता और मानव सेवा ही समाज की वास्तविक प्रगति का आधार हैं।

समारोह में निबंध लेखन प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। अंत में सोसाइटी के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन ज़मीर अतहर एवं इमरान अंसारी ने संयुक्त रूप से किया।

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