सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और ध्यान के साथ मनाया गया योग दिवस, बीकेपी कॉलेज में स्वस्थ जीवन का दिया संदेश | New India Times

राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और ध्यान के साथ मनाया गया योग दिवस, बीकेपी कॉलेज में स्वस्थ जीवन का दिया संदेश | New India Times

मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार पं. बृजकिशोर पटेरिया शिक्षा महाविद्यालय (बीकेपी कॉलेज), देवरी में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग एवं ध्यान आधारित विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया गया। प्रथम सत्र में योगाभ्यास एवं प्राणायाम कराया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, त्रिकोणासन तथा पवनमुक्तासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया। साथ ही अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, कपालभाति एवं भ्रामरी जैसे प्राणायाम तथा ‘ॐ’ के उच्चारण के साथ ध्यान का अभ्यास भी कराया गया। सूर्य नमस्कार का सामूहिक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने अनुशासन और एकाग्रता के साथ सहभागिता की। वहीं, हास्य योग के दौरान विद्यार्थियों की खिलखिलाहट ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया।

द्वितीय सत्र ध्यान एवं मानसिक स्वास्थ्य को समर्पित रहा। इस दौरान विद्यार्थियों को श्वास पर ध्यान केंद्रित करने, मन को शांत रखने तथा आत्मचिंतन की विभिन्न विधियों से परिचित कराया गया। साथ ही ध्यान के माध्यम से तनाव प्रबंधन, एकाग्रता में वृद्धि और भावनात्मक संतुलन के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर महाविद्यालय के संचालक डॉ. अवनीश मिश्रा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वास्थ्य, संतुलन और शांति का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। वर्तमान समय की भागदौड़, तनाव और प्रतिस्पर्धा के बीच योग स्वस्थ, सकारात्मक और संतुलित जीवन का आधार बन सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय के लिए यह गर्व का विषय है कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा आज विश्वव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुकी है। विश्व के अनेक देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान भी वहां योग दिवस को लेकर उत्साह और तैयारियों की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिली, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने तथा जीवन में अनुशासन स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न अनेक समस्याओं के समाधान के रूप में आज योग को विश्वभर में अपनाया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय परिसर में सकारात्मक ऊर्जा, उत्साह और अनुशासन का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ जीवन, संतुलित मन और जागरूक समाज के संदेश के साथ हुआ।

इस अवसर पर संतोष तिवारी, शिवम शर्मा, माधव नेमा, सुनील दुबे, आशुतोष उपाध्याय, प्रतिभा पांडेय, हेमलता दुबे, कौशल्या कुर्मी, ऋतु मिश्रा, बुशरा खान, प्रियांशी लोधी, ऋतिका ठाकुर, रिया गुप्ता, आरती मेहरा सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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