नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मानसून पूर्व तूफ़ानी चक्रवात ने जलगांव जिले के रावेर में लगभग दो हजार एकड़ जमीन पर खड़ी केला बागवानी को जमीदोज कर दिया है। केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बीमा कंपनियों के मनमानी को दुरुस्त करने की सूचना करी है। खडसे ने लिखा है कि फ़सल बीमा धारक किसानों को क्षति की जानकारी दर्ज करने में दिक्कते आ रही है।

किसानों के ऑनलाइन सहायता आवेदन के अलावा ऑफ लाइन मामलो को तत्काल पंचनामे कर निपटारा किया जाए। कृषि विभाग के कर्मी बीमा कंपनियो के एजेंट्स के साथ किसानो के बीच पहुंचे स्पॉट पंचनामा करे। खडसे ने आरोप लगाया है कि बीमा कंपनी के लोग खेती के क्षेत्र को आंकने में गड़बड़ी कर रहे हैं। महाराष्ट्र मे कही भी कोई आपदा आए फूल टाइम पार्टी वर्क के बजाय बतौर जन प्रतिनिधि रक्षा खडसे तत्परता से मौजूद रहती है। जनता चाहती है कि रक्षा खडसे को केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया जाना चाहिए।
आपदा प्रबंधन मंत्री गायब :
जलगांव में हर साल चक्रवाती नुकसान से बागवानी में केले के लाखों पेड़ जमींदोज होते हैं। देवेन्द्र फडणवीस सरकार के तीनो कैबिनेट मंत्री गायब है। सबसे बड़ी जवाबदेही आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन की बनती है। 18 जून को विधान परिषद चुनाव के लिए नगर सेवकों द्वारा वोटिंग होनी है। हॉर्स ट्रेडिंग का खेल आरंभ हो चुका है। एकनाथ शिंदे की शिवसेना और बीजेपी में अंदरूनी खींचतान है। पार्टी में अपना कद बढ़ाने के लिए गिरीश महाजन चुनाव में व्यस्त हैं। कुछ खुद-पसंद पार्टी पदाधिकारियों के फोटोस से मालूम पड़ा कि एन सी पी शरदचंद्र पवार के पूर्व मंत्री जयंत पाटिल जलगांव में आए थे। वैसे जलगांव कांग्रेस में कोई दम खम वाले नेता नहीं है।

