शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:

लंबित मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर के बैनर तले कर्मचारियों ने अनोखा और भावनात्मक विरोध प्रदर्शन किया। डिप्लोमा इंजीनियरिंग संघ भवन, लोक निर्माण विभाग परिसर में परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने दोपहर 12 से 2 बजे तक कफन ओढ़कर शांतिपूर्ण सांकेतिक प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के माध्यम से कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान वर्षों से लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया। इस दौरान पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, आठवें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन ₹69,000, 3.86 फिटमेंट फैक्टर लागू करने, कोरोना काल में फ्रीज किए गए महंगाई भत्ते (डीए) के एरियर का भुगतान तथा एनपीएस से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
मीडिया से बातचीत में अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है, कोई अनुग्रह नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार ज्ञापन, वार्ता और धरना-प्रदर्शन के बावजूद सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति उदासीन बनी हुई है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कफन ओढ़कर किया गया प्रदर्शन किसी टकराव का नहीं, बल्कि कर्मचारियों की पीड़ा और भविष्य की असुरक्षा को दर्शाने का शांतिपूर्ण प्रयास है।
परिषद के महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना कर्मचारियों के बुढ़ापे की सामाजिक सुरक्षा का आधार है। इसे समाप्त कर कर्मचारियों के भविष्य को अनिश्चितता में नहीं डाला जा सकता। उन्होंने सरकार से वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी मांगों के समाधान की अपील की, अन्यथा लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन में अनिल किशोर पांडेय, ई. रामसमुझ शर्मा, अशोक पांडेय, गोविंद जी, पं. श्याम नारायण शुक्ल, राजेश सिंह, अनिल द्विवेदी, अनूप कुमार, बंटी श्रीवास्तव, इंजीनियर सौरभ श्रीवास्तव, रीमा भारती, डॉ. सरिता सिंह, अशोक कुमार पाठक, कनिष्क गुप्ता, कृष्ण मोहन गुप्ता, सुभाष पांडे, रामचंद्र दूबे, रामधनी, डॉ. एस.के. विश्वकर्मा, निसार अहमद, अरविंद सिंह, इजहार अली, राम नारायण, लालचंद, रामफेर, इन्द्रजीत दूबे, उमेश चंद, अशोक कुमार सिंह, आलोक कुमार सिंह, नरेंद्र लाल, मुखदेव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी व पदाधिकारी मौजूद रहे।

