मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
खाद्य सुरक्षा विभाग ने नगर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच खाद्य प्रतिष्ठानों से नमूने एकत्रित किए। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी संध्या मार्को ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने संग्रहित किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रयोगशाला जांच में कोई नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान प्रेमता होटल से खाद्य सामग्री का नमूना लिया गया। वहीं गुप्ता स्वीट्स से जलेबी एवं कचौड़ी के नमूने संग्रहित किए गए। इसके अलावा होटल पप्पू से भी खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। हिमांशी ट्रेडर्स से टोस्ट का नमूना लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी संध्या मार्को ने बताया कि वर्षा ऋतु को देखते हुए सभी खाद्य विक्रेताओं को स्वच्छता संबंधी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। दुकानदारों से कहा गया है कि वे खाद्य सामग्री को हमेशा ढककर रखें, ताकि दूषित होने की संभावना न रहे।
उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अनुसार अब किसी भी खाद्य सामग्री को अखबारी कागज में लपेटकर देना पूर्णतः प्रतिबंधित है। शोधों में पाया गया है कि अखबार की स्याही में मौजूद रसायन मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए किसी भी खाद्य विक्रेता द्वारा अखबारी कागज का उपयोग किए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही खाद्य प्रतिष्ठानों में स्टेपलर पिन के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सभी दुकानदारों से अपील की है कि वे खाद्य सामग्री की पैकिंग में स्टेपलर पिन का प्रयोग न करें, अन्यथा उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

