राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सागर दौरा इस बार खास रहा। उन्होंने अपना जन्मदिन बेहद सादगी और देशी अंदाज में मनाया। इस दौरान सीएम ने न केवल आम लोगों के बीच समय बिताया, बल्कि परंपरा, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का भी संदेश दिया।

सीएम मोहन यादव सागर पहुंचकर सबसे पहले स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने बच्चियों के साथ केक काटकर जन्मदिन मनाया और उनका आशीर्वाद लिया।
इसके बाद वे रहली विधायक गोपाल भार्गव के साथ एक गरीब किसान के घर पहुंचे, जहां उन्होंने जमीन पर बैठकर बुंदेली व्यंजनों का स्वाद लिया। इस दौरान भर्ता-बाटी जैसे पारंपरिक भोजन का आनंद लेते हुए सीएम ने ग्रामीण जीवन की सादगी की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने गौ माता की पूजा कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। इसके बाद वे रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व पहुंचे, जहां उन्होंने 14 कछुओं को नदी में छोड़कर वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर सीएम ने टाइगर रिजर्व में चीतों के लिए बनाए जा रहे सॉफ्ट रिलीज़ बोमा का भूमिपूजन भी किया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी जुलाई माह में यहां चीतों को लाने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद यह प्रदेश का पहला ऐसा टाइगर रिजर्व होगा, जहां बाघ, तेंदुआ और चीता—तीनों एक साथ देखने को मिलेंगे।
सीएम ने टाइगर रिजर्व में सफारी का भी आनंद लिया और क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व प्रदेश का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।
गौरतलब है कि यह टाइगर रिजर्व सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में फैला हुआ है और क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व माना जाता है।

