नरेंद्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई मे बुनियादी सेवाओं के सैकड़ों प्रोजेक्ट्स बीते 14 सालों से बंद पड़े हैं! कल्याण बायपास से पवई विक्रोली भांडुप जोगेश्वरी तक चलने पर मुख्य सड़क के बीचों-बीच हवाई सेतू बनाने के लिए खड़े किए गए विशाल पिलर्स के सरियों में अब जंग चढ़ गया है। हवाई सेतू के ठीक बगल में MMRDA द्वारा मेट्रो ट्रेन संचालन के लिए बने हवाई सेतू का काम पांच सालों से बंद है। कल्याण ठाणे से लेकर दादर तक की मुख्य सड़क को निर्माणाधीन फ्लाई ओवर ब्रिजेस से बर्बाद किया जा रहा है। लंबित कामों के कारण घंटों तक के ट्रैफिक जाम से मुंबईकर परेशान हो चुके हैं। जोगेश्वरी से छत्रपति शिवाजी महाराज हवाई अड्डे के आगे दादर तक जाना किसी चमत्कार से कम नहीं। रमजान से पहले भायखला की तंग संकरी गलियों को जान-बूझकर जेसीबी से खोद कर रख दिया है। महालक्ष्मी के सामने के कोस्टल रोड से बाबा हाजी अली की जियारत करते समुंदर का दीदार दिल को जरूर कुछ सुकून देता है। गोदी मीडिया कवरेज में मोदी पैटर्न के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जनता पर थोपे जाते रहते हैं लेकिन मुंबईकर की पीड़ा पर कोई रिपोर्टिंग नहीं है।
घिसिपिटी ट्रिलियन ट्रिंग ट्रिंग

2019 संसदीय चुनाव प्रचार में बीजेपी ने भारत की अर्थ व्यवस्था पांच ट्रिलियन डॉलर करने का सपना बेचा। इसी बेकार शगूफे को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की इकॉनोमी का सच छुपाने और जनता में भ्रम फैलाने के लिए अपनाया है। 58 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था वाले महाराष्ट्र पर 11 लाख 26 हजार करोड़ रुपए का कर्ज़ है। कालेधन से मंत्रियों की कुल जमा प्रॉपर्टी पांच लाख करोड़ रुपए हो सकती है। न्यूज़ चैनलों पर 5 ट्रिलियन की ट्रिंग ट्रिंग बजाने के बजाय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुंबई में रुके पड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स को पूरा करे ऐसी मांग जनता कर रही है।

