संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

शहर की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी प्रतिभाशाली कलाकार रश्मि घारोन आज अपनी कला के दम पर एक विशिष्ट पहचान बना रही हैं। हाल ही में उन्हें इंटरनेशनल वुमेन्स डे के अवसर पर “एक्सीलेंस इन आर्ट एंड कल्चर” श्रेणी में सम्मानित किया गया, जो उनके समर्पण और प्रतिभा का प्रमाण है।
रश्मि ने राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला महाविद्यालय, ग्वालियर से कथक नृत्य में विधिवत शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में नृत्य सिखाने का कार्य भी कर रही हैं। नृत्य के साथ-साथ उन्होंने संगीत के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
वे अब तक दो गायन प्रतियोगिताओं में विजय प्राप्त कर चुकी हैं और वर्तमान में ग्वालियर के एक प्रमुख ऑर्केस्ट्रा समूह से जुड़कर लाइव और कराओके सिंगिंग के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन कर रही हैं।
रश्मि का कहना है कि कला के प्रति उनका समर्पण ही उनकी असली पहचान है। अपनी सफलता का श्रेय वे अपनी मां को देती हैं। उनके अनुसार, उनकी मां का निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन ही उनकी उपलब्धियों की सबसे बड़ी ताकत है, जिसकी बदौलत आज उन्हें यह मुकाम और सम्मान प्राप्त हुआ है।

