वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

सर्वाइकल कैंसर से किशोरियों और युवतियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजमेर से तथा उत्तर प्रदेश में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने लखनऊ से किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि इस अभियान के तहत 9 से 14 वर्ष की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रारंभिक तीन माह तक यह अभियान मिशन मोड में चलेगा, जिसके बाद इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है और समय पर जांच न होने के कारण यह गंभीर रूप ले लेता है। एचपीवी वैक्सीन 90–95 प्रतिशत तक प्रभावी मानी गई है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रवि सिंह के अनुसार, इस कैंसर का मुख्य कारण एचपीवी संक्रमण है। कम उम्र में विवाह, असुरक्षित यौन संबंध, स्वच्छता की कमी, बार-बार प्रसव, धूम्रपान और कमजोर प्रतिरक्षा भी इसके जोखिम कारक हैं।
बचाव के प्रमुख उपाय
एचपीवी टीकाकरण
नियमित स्वास्थ्य जांच
व्यक्तिगत स्वच्छता
सुरक्षित जीवनशैली
सीएमओ ने बताया कि यह वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा देश में निर्मित है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 2000 रुपये से अधिक है, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और जिला महिला अस्पताल में यह पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध रहेगी।
कोल्ड चेन पर विशेष निगरानी
वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखा जाएगा और इसके लिए कोल्ड चेन प्रबंधन की सतत निगरानी की जाएगी।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संदेश दिया कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के साथ अब “बेटी को सर्वाइकल कैंसर से बचाओ” का संकल्प भी जुड़ गया है।

