शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष Rupesh Kumar Srivastava के नेतृत्व में जिलाधिकारी गोरखपुर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों का वेतन मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज न कर पाने के कारण रोके जाने का मुद्दा उठाया और मानवीय आधार पर वेतन भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रेषित पत्र में जिलाधिकारी गोरखपुर के माध्यम से मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को अवगत कराया गया कि कई अधिकारी एवं कर्मचारी तकनीकी जानकारी के अभाव, फील्ड ड्यूटी में तैनाती या साधारण की-पैड फोन के उपयोग के कारण मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं कर सके। इसके परिणामस्वरूप उनका विगत माह का वेतन रोक दिया गया है।
परिषद ने यह भी उल्लेख किया कि सरकार द्वारा कर्मचारियों की सुविधा के लिए Deendayal Upadhyay Cashless Treatment Scheme संचालित की जा रही है, किंतु अधिकांश कर्मचारियों के कैशलेस कार्ड अब तक नहीं बन पाए हैं। परिषद ने सुझाव दिया कि प्रत्येक जनपदीय कार्यालय में कैंप लगाकर कार्ड बनवाने की व्यवस्था की जाए, परंतु अब तक ऐसा संभव नहीं हो सका है।
परिषद का कहना है कि वर्तमान समय में वेतन रुकने से कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बोर्ड परीक्षाओं एवं होली जैसे महापर्व के मद्देनजर वेतन न मिलना कर्मचारियों के लिए अत्यंत कष्टदायक है। साथ ही, कई जनपदों से यह सूचना भी प्राप्त हुई है कि पोर्टल तकनीकी कारणों से सुचारु रूप से कार्य नहीं कर रहा है।
परिषद ने मांग की है कि जिन कर्मचारियों का विवरण पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है, उनके लिए सरकार उचित तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित करे। इसके बाद भी यदि कोई कर्मचारी जानबूझकर विवरण प्रस्तुत नहीं करता है, तो चेतावनी देने के उपरांत ही वेतन रोके जाने की कार्रवाई की जाए।
अंत में परिषद ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए होली पर्व से पूर्व वेतन भुगतान सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित श्याम नारायण शुक्ल, उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा, अनूप कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

