यूजीसी रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के खिलाफ आइसा का प्रयागराज में प्रदर्शन, डीएम कार्यालय तक निकाला मार्च | New India TimesOplus_131072

अंकित तिवारी, ब्यूरो चीफ, प्रयागराज (यूपी), NIT:

यूजीसी रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के खिलाफ आइसा का प्रयागराज में प्रदर्शन, डीएम कार्यालय तक निकाला मार्च | New India Times

ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) के तत्वावधान में यूजीसी रेगुलेशन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के विरोध में देशव्यापी आंदोलन के तहत इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान छात्र संघ भवन गेट से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
मार्च की शुरुआत इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ भवन गेट पर सभा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सामाजिक न्याय के खिलाफ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय परिसरों में व्याप्त जातिगत व लैंगिक भेदभाव और हिंसा पर चिंता व्यक्त की।
आइसा विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष सोनाली यादव ने कहा कि सरकार की रिपोर्ट के अनुसार जातिगत भेदभाव में 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आइसा रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या के बाद से ही रोहित एक्ट लागू करने की मांग करता रहा है। उन्होंने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन को और अधिक जवाबदेही व भागीदारी के साथ लागू किया जाना चाहिए, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा।
शोध छात्र केतन ने कहा कि जब दलित-पिछड़े अपने अधिकारों की बात करते हैं, तब शोषणकारी वर्ग भयभीत होकर विरोध पर उतर आता है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा रेगुलेशन पर रोक लगाना रोहित वेमुला और दर्शन सोलंकी जैसी घटनाओं को वैध ठहराने जैसा है।
इकाई सहसचिव मानवेंद्र ने कहा कि सरकार सामाजिक विषमता के खिलाफ कानून बनाने का दिखावा तो करती है, लेकिन उन्हें न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पाती। उन्होंने यूजीसी को कमजोर करने की नीति की आलोचना की।
शोध छात्र निखिल ने कहा कि कानून के दुरुपयोग की आशंका हर व्यवस्था में होती है, लेकिन इसके नाम पर जरूरी कानूनों को खत्म करना गलत है। कैंपस को भेदभावमुक्त बनाने के लिए ऐसे नियम जरूरी हैं।
आरवाईए प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा और रोजगार देने में विफल रही है और दलित-पिछड़ों के अधिकारों की रक्षा नहीं कर पा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
सभा के बाद जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान इकाई उपाध्यक्ष सौम्या ने ज्ञापन का वाचन किया। सभा का संचालन शशांक ने किया।
प्रदर्शन में सुजीत, अमित, आर्यन, सुधीर, प्रदीप, साक्षी, पूजा, गोबिंद, राधा, अभिषेक, प्रदीप्त, दिवाकर, अंकुल, पारस, विश्वेंद्र, प्रिंस, श्वेतांक सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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