वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
एक ओर सरकार सड़कों का जाल बिछाकर यात्रियों के लिए मार्ग सुगम करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर जर्जर सड़कों की ओर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का ध्यान नहीं जा रहा है।
स्थिति यह है कि राहगीर, छात्र-छात्राएं और ग्रामीण रोजाना टूटी-फूटी सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जिससे आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
बताया जा रहा है कि विकास खंड लखीमपुर के अंतर्गत ढूसुरु, सैदापुर, अटकोनवा, चांदामऊ, कैमाखादर, अटकोनवा पुरखा, सोनहा, जमैठा, कालाआम, लीलाकुआं, पकरिया, परसेहरा और कालाढूंढ को जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है।
यह मार्ग दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिसका उपयोग ग्रामीण जिला मुख्यालय जाने और बड़े बाजार तक पहुँचने के लिए करते हैं।
इतना ही नहीं, इसी मार्ग पर कई विद्यालय भी स्थित हैं, जहाँ से छात्र-छात्राओं का प्रतिदिन आना-जाना लगा रहता है। सड़क की जर्जर हालत के कारण बच्चों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्षों से मरम्मत के अभाव में सड़क की स्थिति और भी बदतर हो गई है।
इस मार्ग से आने-जाने वाले लोग अक्सर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बरसात के दिनों में सड़क की हालत और खराब हो जाती है। अधिकांश लोग साइकिल से सफर करते हैं, लेकिन सड़क पर बिखरे बोल्डर और गड्ढों के कारण साइकिल के पंचर होने की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं।
अब सवाल यह उठता है कि वर्षों से इस मार्ग की मरम्मत क्यों नहीं कराई गई। इस संबंध में ग्रामीण अनभिज्ञ हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है।
