अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल शहर वृत तहसील कार्यालय परिसर में पिछले 8 माह से लगातार पानी का बड़ा लीकेज जारी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि एसडीएम द्वारा कई माह पहले पत्र लिखे जाने के बावजूद नगर निगम और पीएचई विभाग अब तक नहीं जागा।
तहसील परिसर पूरी तरह जलभराव और बदहाल स्थिति का शिकार हो चुका है।
यह पूरा मामला वार्ड क्रमांक 7 का है, जहां दिनभर लोगों का आवागमन बना रहता है। फिसलन और गंदगी के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

जिला कलेक्टर द्वारा सफाई व्यवस्था और शासकीय परिसरों की देखरेख को लेकर पहले ही सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं?
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एसडीएम द्वारा नगर निगम कमिश्नर को शिकायत भी की गई है लेकिन, इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जबकि हर जोन में जेडओ, वार्ड प्रभारी, एचओ, पानी और सीवेज विभाग के अधिकारी तथा दरोगा की टीम तैनात है, और निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने भी पहले ही कड़े निर्देश दे रखे हैं।

फिर भी अधिकारियों की लापरवाही के चलते शहर में ऐसे शर्मसार कर देने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं। स्मार्ट सिटी और विकास के बड़े-बड़े दावे कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं, जबकि ज़मीनी हकीकत जनता की परेशानी और बदहाल व्यवस्था बयां कर रही है।
अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
