अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ, धुले (महाराष्ट्र), NIT:
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने यहां एक जोरदार चुनावी सभा में केंद्र की भाजपा सरकार और कांग्रेस दोनों पर जमकर निशाना साधा। हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए ओवैसी ने भारत की सेक्युलर पहचान पर जोर देते हुए कहा कि कुछ लोग धर्म के नाम पर देश को बांटने और कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने मुसलमानों से एकजुटता की अपील की और कहा कि नफरत का जवाब मोहब्बत से दिया जाएगा, लेकिन कमजोरी नहीं दिखाई जाएगी।
ओवैसी ने भाषण की शुरुआत वोट की ताकत से की। उन्होंने कहा, “एक गरीब का वोट भी अमीर, उद्योगपति या प्रधानमंत्री के वोट जितना ही ताकतवर है। संविधान ने सबको बराबर हक दिया है। भारत एक ऐसा गुलदस्ता है जिसमें हर मजहब, हर संस्कृति के फूल हैं। लेकिन आज कुछ लोग इसे तोड़-मसल रहे हैं और कह रहे हैं कि यह देश सिर्फ एक मजहब का है।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “हिंदुस्तान किसी के बाप की जागीर नहीं। यह सबका था, सबका है और सबका रहेगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए ओवैसी ने 2014 के चुनावी वादों को याद दिलाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “15 लाख रुपये हर खाते में आए? अच्छे दिन आए? सबका साथ, सबका विकास हुआ? शौचालय बने, लेकिन देवालय की बात ज्यादा हुई। आज पेट्रोल-डीजल आसमान छू रहा है, गैस सिलेंडर 1000 रुपये पार कर गया, महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी अलग स्तर पर है, लेकिन सरकार सिर्फ हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है।”
ओवैसी ने लव जिहाद, घर वापसी, बीफ बैन, हिजाब बैन, सीएए-एनआरसी, मॉब लिंचिंग और बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा, “असली मुद्दे बेरोजगारी, महंगाई और गरीबों का घर हैं, लेकिन सरकार ध्यान हटाने के लिए हिंदू-मुस्लिम कर रही है। गुजरात दंगों में इज्जत लूटी गई, रेप करने वालों को जेल से छोड़कर फूल माला पहनाई जाती है। हिजाब वाली बेटियों को पढ़ाई से रोका जा रहा है। लेकिन हम न कलमा छोड़ेंगे, न कुरान, न शरीयत, न मस्जिद, न हिजाब और न ही अपना मुल्क।”
कांग्रेस पर भी कड़ा प्रहार करते हुए ओवैसी ने कहा, “कांग्रेस के दौर में 50 हजार दंगे हुए। अहमदाबाद, मुंबई, भिवंडी, मलियाबाद… नेहरू से मनमोहन तक सब आजमाए, लेकिन मुसलमान सबसे पिछड़े रहे।” उन्होंने एआईएमआईएम को मुसलमानों की असली आवाज बताया और एकता का संदेश दिया।
ओवैसी ने अंत में कहा, “जोश के साथ होश रखो। मुत्तहिद हो जाओ। नफरत के जाल में मत फंसो। मुल्क से मोहब्बत करो, पड़ोसियों से मोहब्बत करो।” सभा में मकर संक्रांति की बधाई भी दी गई।
