मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
जुन्नारदेव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोल्हिया के वार्ड क्रमांक 12 स्थित कोल्हिया डैम की नहर से किसानों को पानी नहीं मिलने के कारण गेहूं की फसल सूखने लगी है। किसान कृष्ण यदुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले कोल्हिया डैम की नहर से किसानों को नियमित रूप से पानी मिलता था, लेकिन पिछले लगभग तीन वर्षों से भुतहा, छाबड़ी, घाना खेड़ा, बिछुआ तारक सहित करीब पांच गांवों के लगभग एक हजार किसानों को नहर का पानी नहीं मिल पा रहा है।

किसानों का कहना है कि नहर का गेट बंद कर दिया गया है तथा गेट खोलने वाला हैंडल भी खराब हो चुका है। इसके अलावा कुछ लोगों द्वारा डैम के गेट के पीछे अस्थायी बांध बना दिया गया है, जिससे नहर में आने वाला थोड़ा-बहुत पानी भी पूरी तरह रुक गया है। इसका सीधा लाभ डैम के आसपास के कुछ बड़े किसानों को मिल रहा है, जबकि अन्य गांवों के किसान सिंचाई से वंचित हैं।
स्थिति यह है कि जनवरी महीने में ही नदी-नाले सूखने लगे हैं और गेहूं के खेत सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो किसानों की पूरी फसल खराब हो सकती है।
किसानों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि कोल्हिया डैम की नहर का गेट तत्काल खुलवाया जाए, ताकि गांवों के नदी-नालों में पानी पहुंचे और गेहूं की फसल की सिंचाई हो सके। किसानों का कहना है कि प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर शीघ्र ध्यान देने की आवश्यकता है।
