अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
राजधानी भोपाल के खानू गांव क्षेत्र में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां पिछले कई दिनों से सीवेज का गंदा पानी कुएं में मिल रहा है। इसी कुएं से आसपास के लगभग 2,000 लोगों को पीने का पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
क्षेत्रीय पार्षद रेहाना सुल्तान ने इस गंभीर समस्या को लेकर करीब 15 दिन पहले लिखित शिकायत की थी। इसके अलावा उन्होंने कई बार फोन के माध्यम से भी संबंधित अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) के अधिकारी सेंगर से संपर्क किया गया, लेकिन इसके बाद उन्होंने पार्षद का फोन उठाना भी बंद कर दिया।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि उन्होंने भी कई बार पीएचई अधिकारी सेंगर से शिकायत की, लेकिन अधिकारी पूरी तरह से उदासीन बने हुए हैं। लोगों का आरोप है कि अधिकारी या तो अपनी मस्ती में मस्त हैं या फिर भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। क्षेत्र में पहले सीवेज की नई लाइन डाली गई थी, लेकिन वह भी कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। हालात सुधरने के बजाय और ज्यादा गंभीर हो गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आज मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव मोहम्मद जहीर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सीवेज की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे कुएं के पास बैठकर आमरण अनशन करेंगे और भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे।
क्षेत्रवासियों में भय का माहौल है और वे आशंका जता रहे हैं कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भोपाल में भी इंदौर जैसी दर्दनाक घटना दोहराई जा सकती है। सवाल यह है कि जब राजधानी के हालात ऐसे हैं, तो ग्रामीण अंचलों की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।

